वर्धा में विद्यार्थियों से कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर का संवाद, कहा- केवल अंक और डिग्री से नहीं मिलती सफलता

RTMNU Vice Chancellor student dialogue Wardha: वर्धा के इंद्रप्रस्थ न्यू आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस कॉलेज में कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए केवल अंक और डिग्री पर्याप्त नहीं हैं। कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और सही जीवन-मूल्य भी जरूरी हैं। विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम, पुनर्मूल्यांकन, शुल्क और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे, जिनके जवाब कुलगुरु ने दिए।
विषयसूची
विद्यार्थियों से संवाद में कुलगुरु ने बताई सफलता की राह
RTMNU Vice Chancellor student dialogue Wardha: वर्धा स्थित इंद्रप्रस्थ न्यू आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस कॉलेज में शुक्रवार, 28 अगस्त को ‘कुलगुरु-विद्यार्थी संवाद’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने इसमें प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में शिरकत की।
कुलगुरु ने कहा, “जब व्यक्ति अपने कर्तव्यों का सिंहावलोकन कर आत्मपरीक्षण की कसौटी से गुजरता है, तभी सफलता का स्वर्णिम निर्माण होता है।” उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ऊर्जा से भरपूर है, लेकिन कई विद्यार्थी असफलता की पहली लहर से ही विचलित हो जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कौशल विकास, व्यावहारिक ज्ञान और जीवन-मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला विकास संस्था के अध्यक्ष डॉ. आर. जी. भोयर ने की। प्रमुख अतिथि के रूप में वर्धा जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर, कुलसचिव डॉ. विजय खंडाळ, संस्था सचिव डॉ. अभिजित वेरूळकर, अधिसभा सदस्य डॉ. रोशनी खेडकर और प्राचार्य डॉ. आशिष ससनकर उपस्थित रहे।


परीक्षा, प्रवेश और पुनर्मूल्यांकन के सवालों के दिए जवाब
विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम, अंकपत्रों की तकनीकी त्रुटियों, पुनर्मूल्यांकन, परीक्षा शुल्क और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे, जिनके कुलगुरु ने पारदर्शिता से जवाब दिए। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड और नशे से दूर रहने की सलाह दी। डॉ. आर. जी. भोयर ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पर जोर देते हुए ‘मास कॉपी’ जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने की अपील की।
कुलगुरु ने महाविद्यालय के विद्यार्थी सेतु केंद्र का निरीक्षण कर अधिक सुविधाएं देने के निर्देश दिए। कार्यक्रम का संचालन प्रा. संदीप पेटारे ने किया और आभार कु. निकिता पावडे ने माना। सामूहिक राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ऐसे संवाद कार्यक्रम आगे अन्य महाविद्यालयों में भी आयोजित किए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों की समस्याओं का सीधा समाधान हो सके।



रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

