Golden Temple Incident: श्री हरिमंदिर साहिब, जिसे दुनिया स्वर्ण मंदिर के नाम से जानती है, केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आस्था, समानता और मानवता का प्रतीक है। यहां आने वाला हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी धर्म या पृष्ठभूमि से हो, श्रद्धा और मर्यादा के साथ सिर झुकाता है। ऐसे पवित्र स्थान से जुड़ी किसी भी घटना का प्रभाव सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया में महसूस किया जाता है।
हाल ही में श्री हरिमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर में कथित तौर पर कुल्ला करने के मामले ने धार्मिक भावनाओं को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में शामिल मुस्लिम युवक सुभान रंगरेज को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया है।
कैसे सामने आया पूरा मामला
एसजीपीसी की ओर से की गई आंतरिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि 15 जनवरी को सुभान रंगरेज अपने चार दोस्तों के साथ श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में करीब 20 मिनट तक मौजूद रहा। इस दौरान उसने न तो गुरुद्वारे की मर्यादा के अनुसार माथा टेका और न ही श्रद्धा से संबंधित आवश्यक नियमों का पालन किया।
जांच में यह बात भी सामने आई कि युवक का व्यवहार सामान्य श्रद्धालुओं से अलग था, जिससे उसके इरादों पर संदेह और गहराता चला गया। एसजीपीसी के लीगल एडवाइजर अमनबीर सिंह सियाली के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक का वहां पहुंचना महज अनजाने में हुई भूल नहीं, बल्कि एक सोची-समझी नीयत का हिस्सा प्रतीत होता है।
एसजीपीसी ने क्यों माना इसे गंभीर मामला
एसजीपीसी ने इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ एक व्यक्तिगत गलती मानने से इनकार किया है। कमेटी का कहना है कि श्री हरिमंदिर साहिब जैसे पवित्र स्थल पर किसी भी प्रकार की मर्यादा भंग होना केवल धार्मिक भावना आहत करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करता है।
इसी कारण एसजीपीसी ने अमृतसर के पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपी और निष्पक्ष तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पंजाब पुलिस ने औपचारिक रूप से केस दर्ज किया।
आरोपी की माफी और उठते सवाल
घटना के दिन ही सुभान रंगरेज ने एक वीडियो जारी कर माफी मांगी थी। वीडियो में उसने कहा कि यदि उसके कृत्य से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए खेद प्रकट करता है। उसने यह भी दावा किया कि उसे धार्मिक मर्यादाओं की पूरी जानकारी नहीं थी और अनजाने में यह गलती हो गई।
हालांकि, इस माफी को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। धार्मिक संगठनों और आम लोगों का कहना है कि अगर युवक को मर्यादा की जानकारी नहीं थी, तो वह इतने समय तक परिसर में कैसे रहा और क्यों उसने अन्य श्रद्धालुओं की तरह नियमों का पालन नहीं किया।
ये बंदा Gurudwara Sri Harmandir Sahib के पावन सरोवर में कुल्ला कर रहा और आपत्तिजनक हरकतें कर रहा है ? 😡 ऊपर से video भी बनवा रहा है… ?
यदि यह Video सही है तो इसका इलाज कर देना चाहिए 😡 pic.twitter.com/bxOwgmMR0g
— Jyot Jeet (@activistjyot) January 16, 2026
धार्मिक स्थलों की मर्यादा और समाज की जिम्मेदारी
भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में धार्मिक स्थलों की मर्यादा का सम्मान सामाजिक शांति की बुनियाद है। श्री हरिमंदिर साहिब हमेशा से इस बात का उदाहरण रहा है कि कैसे हर धर्म, जाति और वर्ग के लोग एक साथ बैठकर लंगर ग्रहण करते हैं और समानता का अनुभव करते हैं।
ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या जानबूझकर की गई हरकत सिर्फ एक समुदाय को नहीं, बल्कि पूरे समाज को आहत करती है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि धार्मिक स्थलों पर जाने से पहले वहां की परंपराओं और नियमों की जानकारी रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
अब इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी और केस दर्ज होना यह संदेश देता है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, यह भी जरूरी है कि जांच निष्पक्ष हो और सच सामने आए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।