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पटियाला में गोवंश से भरा कैंटर पकड़ा गया: 12 गायें और 3 बछड़े बचाए, बूचड़खाने ले जाने का था आरोप — पुलिस ने कई आरोपियों पर केस दर्ज किया

पटियाला में गोवंश से भरा कैंटर पकड़ा गया: 12 गायें और 3 बछड़े बचाए, बूचड़खाने ले जाने का था आरोप — पुलिस ने कई आरोपियों पर केस दर्ज किया
Patiala Govansh Canter Caught: 12 cows rescued before slaughterhouse - पटियाला में गो रक्षा दल की बड़ी कार्रवाई, 12 गायें और 3 बछड़े बचाए गए (File Photo)
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Aryan Ambastha
Aryan Ambastha
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गोवंश तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: गो रक्षा दल की सतर्कता से बची 12 गायों की जान

पटियाला के थाना अर्बन एस्टेट क्षेत्र में रविवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जब गो रक्षा दल ने बूचड़खाने ले जाए जा रहे गोवंश से भरे कैंटर को रोक लिया। गाड़ी के चालक और उसके साथी मौके से फरार हो गए, लेकिन टीम ने कैंटर को अपने कब्जे में लेकर पुलिस को सूचना दी। इस कार्रवाई में 12 गायें और 3 बछड़े बरामद किए गए, जिनमें से एक बछड़ा मृत पाया गया।

साधू बेला रोड से पकड़ा गया कैंटर, चालक फरार

यह घटना पांच अक्टूबर की रात की बताई जा रही है, जब गो रक्षा दल को सूचना मिली कि एक कैंटर मलेरकोटला से हरियाणा की ओर गोवंश लेकर जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने राजपुरा रोड और साधू बेला रोड पर नाकाबंदी कर दी। गो रक्षा दल के सदस्यों ने कैंटर को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक गाड़ी छोड़कर भाग निकला। दल के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी को कब्जे में ले लिया और थाना अर्बन एस्टेट पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी की तलाशी ली, जिसमें 12 गायें और 3 बछड़े मिले।

शिकायतकर्ता विकास कंबोज ने बताई पूरी कहानी

शिकायतकर्ता विकास कंबोज, जो गो रक्षा दल के ज्वाइंट सेक्रेटरी हैं, ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मलेरकोटला से हरियाणा के रास्ते गोवंश की अवैध ढुलाई की जा रही है। उन्होंने अपने साथियों — सतीश कुमार, शंकर नंद गिरी, राजेश केहर, राजेश कौशिक, एडवोकेट दविंदर राजपूत, दीपक वाधवा, आदित्य, सन्नी, साजन, अमन, गोलू, रविंदर सिंगला, महंत रविकांत और मोहित — के साथ मिलकर मौके पर पहुंचकर गाड़ी को पकड़ा।

विकास कंबोज ने बताया, “हमारी टीम ने जब कैंटर को रोका तो चालक मौके से भाग निकला। गाड़ी खोलने पर हमें 12 गायें और 3 बछड़े मिले, जिनमें से एक बछड़ा मृत अवस्था में था। यह स्पष्ट था कि इन्हें बूचड़खाने ले जाया जा रहा था।”

पहले भी दर्ज हुए हैं केस, वही आरोपित फिर सक्रिय

विकास कंबोज ने बताया कि इस गाड़ी को काका सलीम, शहलाज, काला, आशु और बलाल नामक आरोपियों द्वारा मलेरकोटला से लोड करवाया गया था। इन सभी के खिलाफ पहले भी गोवंश तस्करी के मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि 9 सितंबर को भी इसी इलाके से गोवंश से भरी एक गाड़ी पकड़ी गई थी, जिसमें यही आरोपी शामिल थे। पुलिस ने उस समय भी अर्बन एस्टेट थाना में एफआईआर दर्ज की थी। कंबोज के अनुसार, “सरगना बार-बार इलाके बदलकर गोवंश की अवैध ढुलाई कर रहे हैं, जिससे प्रशासन को कड़ा कदम उठाना जरूरी है।”

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपियों की तलाश शुरू

थाना अर्बन एस्टेट पुलिस ने अज्ञात कैंटर चालक सहित काका सलीम, शहलाज (निवासी जमालपुर, जिला मलेरकोटला), काला, आशु और बलाल (निवासी मलेरकोटला) के खिलाफ धारा 429, 295A, 120B, और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी अमनदीप बराड़ ने बताया कि “पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। बरामद गोवंश को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।”

गो रक्षा दल ने की सख्त कार्रवाई की मांग

गो रक्षा दल ने प्रशासन से मांग की है कि बार-बार सामने आ रहे इन मामलों में स्थायी जांच टीम बनाई जाए और गोवंश की तस्करी करने वालों पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत कार्रवाई हो। विकास कंबोज ने कहा, “यह सिर्फ धार्मिक भावना का सवाल नहीं, बल्कि कानून की भी खुली अवहेलना है। हम चाहते हैं कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर दंड दिया जाए ताकि यह नेटवर्क खत्म हो सके।”

स्थानीय प्रशासन सतर्क, निगरानी बढ़ाई जाएगी

पटियाला पुलिस ने घटना के बाद गोवंश तस्करी की संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। राजपुरा रोड, मलेरकोटला और संगरूर की सीमाओं पर नए चेकपॉइंट्स लगाए जा रहे हैं ताकि ऐसी घटनाओं को दोहराया न जा सके। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गोवंश तस्करी के ये नेटवर्क राज्य के कई जिलों में फैले हैं और अक्सर रात के समय छोटे वाहनों के ज़रिए गायों को दूसरे राज्यों में भेजा जाता है।

निष्कर्ष: सतर्कता से बचीं कई निर्दोष जानें

गो रक्षा दल की त्वरित कार्रवाई से पटियाला में 12 गायें और 3 बछड़े एक बड़ी साजिश का हिस्सा बनने से बच गए। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है, वहीं धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को गोवंश सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है।


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