Rashtra Bharat Logo

अब हर अंडे पर होगी ‘जन्म तिथि’ और एक्सपायरी डेट, 1 अप्रैल से लागू होगा नया नियम

अब हर अंडे पर होगी ‘जन्म तिथि’ और एक्सपायरी डेट, 1 अप्रैल से लागू होगा नया नियम
अब हर अंडे पर होगी ‘जन्म तिथि’ और एक्सपायरी डेट, 1 अप्रैल से लागू होगा नया नियम (Pic Credit- X @caroltadena5)

उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से हर अंडे पर उत्पादन और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य होगा। इस फैसले से ग्राहक ताजा और सुरक्षित अंडों की पहचान कर सकेंगे। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई होगी।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Expiry Date on Eggs: उत्तर प्रदेश में अब “ताजा अंडा” कहकर ग्राहकों को गुमराह करना आसान नहीं होगा। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। 1 अप्रैल से प्रदेश में बिकने वाले हर अंडे पर उसकी उत्पादन तिथि (लेड डेट) और एक्सपायरी डेट की मुहर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

इस फैसले के बाद अब ग्राहक खुद यह तय कर सकेंगे कि अंडा कितना ताजा है और उसे खाना सुरक्षित है या नहीं। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई दुकानदार पुराने अंडों को भी ताजा बताकर बेच देते हैं, जिससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता था।

हर अंडा खुद बताएगा अपनी कहानी

पशुपालन विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर लागू हो रहे इस नियम को लेकर अधिकारियों का कहना है कि अंडा सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा खाद्य पदार्थ है, इसलिए इसमें पारदर्शिता बेहद जरूरी है। अब हर अंडा अपनी “कहानी” खुद बताएगा कि वह कब पैदा हुआ और कब तक इस्तेमाल योग्य है।

दो हफ्ते तक सही रहते हैं अंडे

अगर अंडों की गुणवत्ता की बात करें तो सामान्य तापमान पर ये लगभग दो हफ्ते तक ही सही रहते हैं, जबकि ठंडे वातावरण में इन्हें पांच हफ्ते तक सुरक्षित रखा जा सकता है। लेकिन अब तक स्टोरेज की सही व्यवस्था न होने के कारण कई बार खराब अंडे भी बाजार में पहुंच जाते थे।

सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अगर कोई दुकानदार या व्यापारी बिना मुहर वाले अंडे बेचता पाया गया, तो उसका माल जब्त कर लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अंडों को नष्ट भी किया जा सकता है या उन पर साफ तौर पर “खाने योग्य नहीं” लिख दिया जाएगा।

हालांकि, राज्य में कोल्ड स्टोरेज की संख्या अभी सीमित है, लेकिन सरकार का कहना है कि अब बहाने नहीं चलेंगे। सभी को नियमों का पालन करना होगा।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।