प्रश्नपत्र लीक के विरोध में कोलकाता में आईएनटीयूसी सेवादल का मौन धिक्कार मार्च

Kolkata INTUC paper leak silent protest: कोलकाता में पश्चिम बंगाल आईएनटीयूसी सेवादल ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के विरोध में मौन धिक्कार मार्च निकाला। मार्च कॉलेज स्ट्रीट से कोलकाता विश्वविद्यालय तक निकाला गया। संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और छात्रों के हित में शिक्षा व्यवस्था को भरोसेमंद बनाने की अपील की।
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शिक्षा व्यवस्था को बचाने की मांग पर निकला मौन धिक्कार मार्च
Kolkata INTUC paper leak silent protest: कोलकाता, 18 जुलाई: देश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की रक्षा और विभिन्न महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में शनिवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल आईएनटीयूसी (INTUC) सेवादल ने ‘निर्वाक धिक्कार मिछिल’ का आयोजन किया।
संगठन का दावा है कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं से देश के लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य अनिश्चित हो रहा है और इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार नहीं टाल सकती। संगठन के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से शिक्षा व्यवस्था पर आम जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। इसी वजह से केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन जारी है।
संगठन ने बताया कि मैग्सेसे पुरस्कार विजेता तकनीकविद, समाजसेवी और गांधीवादी विचारक सोनम वांगचुक शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार 20 दिनों से अनशन पर हैं। उनके आंदोलन के प्रति एकजुटता जताने के लिए ही यह ‘निर्वाक धिक्कार मिछिल’ आयोजित की गई।



कॉलेज स्ट्रीट से कोलकाता विश्वविद्यालय तक शांतिपूर्ण रैली निकाली गई
मिछिल शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे कॉलेज स्ट्रीट के ऐतिहासिक कॉफी हाउस के सामने से शुरू होकर कलकत्ता विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक गई। प्रतिभागियों के हाथों में तख्तियां और नारे नजर आए, लेकिन कार्यक्रम की मुख्य विशेषता मौन विरोध ही रही।
पश्चिम बंगाल आईएनटीयूसी (INTUC) सेवादल के अध्यक्ष प्रमोद पांडे ने कहा, “देश के छात्र-छात्राओं के हित में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की मांग को लेकर ही यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।” उन्होंने सभी से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज स्ट्रीट इलाके में पुलिस की कड़ी निगरानी रही और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक शिक्षामंत्री इस्तीफा नहीं देते या ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह विरोध जारी रहेगा।



रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

