
Uttar Pradesh Pregnant Woman Case: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है। बौंडी थाना क्षेत्र के नंदवल गांव में 32 वर्षीय गर्भवती महिला ननकई ने प्रसव पीड़ा के दौरान ऐसा कदम उठा लिया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। असहनीय दर्द में उसने घर में रखे धारदार ब्लेड से खुद ही अपना पेट चीर लिया। यह सुनकर ही रूह कांप जाती है। लेकिन दर्द की उस घड़ी में शायद उसे कुछ और समझ नहीं आया। घर में कोई नहीं, दर्द चरम पर बताया जा रहा है कि

Uttar Pradesh Pregnant Woman Case: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है। बौंडी थाना क्षेत्र के नंदवल गांव में 32 वर्षीय गर्भवती महिला ननकई ने प्रसव पीड़ा के दौरान ऐसा कदम उठा लिया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। असहनीय दर्द में उसने घर में रखे धारदार ब्लेड से खुद ही अपना पेट चीर लिया। यह सुनकर ही रूह कांप जाती है। लेकिन दर्द की उस घड़ी में शायद उसे कुछ और समझ नहीं आया। घर में कोई नहीं, दर्द चरम पर बताया जा रहा है कि

नेपाल से भारत आई बहुओं के निर्वाचन-पंजीकरण में उलझन पर प्रशासन चुप क्यों भारत और नेपाल के बीच सदियों से रोटी-बेटी का गाढ़ा संबंध रहा है। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों में तो यह परंपरा आज भी उतनी ही सामान्य और सहज है जितनी दशकों पहले हुआ करती थी। ऐसे में नेपाल से विवाह कर भारत आने वाली बहुएं सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर तो भारतीय परिवारों में पूर्ण रूप से सम्मिलित हो जाती हैं, परंतु सरकारी दस्तावेज़ों और विशेष रूप से निर्वाचन-पंजीकरण के मामले में इनके सामने गंभीर अवरोध उत्पन्न हो रहे हैं। इन बहुओं की सबसे बड़ी समस्या

नेपाल से भारत आई बहुओं के निर्वाचन-पंजीकरण में उलझन पर प्रशासन चुप क्यों भारत और नेपाल के बीच सदियों से रोटी-बेटी का गाढ़ा संबंध रहा है। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों में तो यह परंपरा आज भी उतनी ही सामान्य और सहज है जितनी दशकों पहले हुआ करती थी। ऐसे में नेपाल से विवाह कर भारत आने वाली बहुएं सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर तो भारतीय परिवारों में पूर्ण रूप से सम्मिलित हो जाती हैं, परंतु सरकारी दस्तावेज़ों और विशेष रूप से निर्वाचन-पंजीकरण के मामले में इनके सामने गंभीर अवरोध उत्पन्न हो रहे हैं। इन बहुओं की सबसे बड़ी समस्या