
बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलासी डैम के पास महादेव स्थान में उत्पाद विभाग की टीम पर शराब निर्माण से जुड़े माफियाओं ने जानलेवा हमला किया। इस हमले में विभाग के एएसआई विश्वजीत कुमार और सिपाही दशरथ यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद भागलपुर रेफर किया गया है। हमले का कारण और घटना का विवरण उत्पाद विभाग को अवैध शराब निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने महादेव स्थान में छापेमारी की योजना बनाई। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, शराब माफियाओं ने अचानक हमला बोल दिया।

बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलासी डैम के पास महादेव स्थान में उत्पाद विभाग की टीम पर शराब निर्माण से जुड़े माफियाओं ने जानलेवा हमला किया। इस हमले में विभाग के एएसआई विश्वजीत कुमार और सिपाही दशरथ यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद भागलपुर रेफर किया गया है। हमले का कारण और घटना का विवरण उत्पाद विभाग को अवैध शराब निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने महादेव स्थान में छापेमारी की योजना बनाई। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, शराब माफियाओं ने अचानक हमला बोल दिया।

बांका (Banka), बिहार। नवरात्र और दशहरा के अवसर पर बिहार के बांका जिले का Tilidiha Durga Mandir आस्था का विशाल केंद्र बन जाता है। बदुआ नदी के पूर्वी तट पर स्थित यह प्राचीन शक्तिपीठ हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। 400 साल पुराना इतिहास Banka Tilidiha Durga Mandir: मां तिलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है। माना जाता है कि इसकी स्थापना वर्ष 1603 में राड़ी कायस्थ परिवार के हरबल्लव दास ने की

बांका (Banka), बिहार। नवरात्र और दशहरा के अवसर पर बिहार के बांका जिले का Tilidiha Durga Mandir आस्था का विशाल केंद्र बन जाता है। बदुआ नदी के पूर्वी तट पर स्थित यह प्राचीन शक्तिपीठ हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। 400 साल पुराना इतिहास Banka Tilidiha Durga Mandir: मां तिलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है। माना जाता है कि इसकी स्थापना वर्ष 1603 में राड़ी कायस्थ परिवार के हरबल्लव दास ने की