
बस्तर छत्तीसगढ़ का एक ऐसा क्षेत्र है जो अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां की आदिवासी संस्कृति सदियों पुरानी है और इसे संजोकर रखने का काम यहां के लोगों ने किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। छत्तीसगढ़ सरकार इस संस्कृति को नए प्राण देने का काम कर रही है। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बस्तर पंडुम की महत्ता

बस्तर छत्तीसगढ़ का एक ऐसा क्षेत्र है जो अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां की आदिवासी संस्कृति सदियों पुरानी है और इसे संजोकर रखने का काम यहां के लोगों ने किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। छत्तीसगढ़ सरकार इस संस्कृति को नए प्राण देने का काम कर रही है। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बस्तर पंडुम की महत्ता

अबूझमाड़ से महाराष्ट्र सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग का महत्व रायपुर। बस्तर अंचल, जो अपने घने जंगलों और नक्सली प्रभावित क्षेत्रों के लिए जाना जाता है, अब विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। अबूझमाड़ के कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नीलांगुर तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी (NH-130-D) न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी सहायक होगा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने इस परियोजना को नक्सली आतंक के अंधकार में विकास का नया उजाला बताया है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किलोमीटर है,

अबूझमाड़ से महाराष्ट्र सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग का महत्व रायपुर। बस्तर अंचल, जो अपने घने जंगलों और नक्सली प्रभावित क्षेत्रों के लिए जाना जाता है, अब विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। अबूझमाड़ के कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नीलांगुर तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी (NH-130-D) न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी सहायक होगा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने इस परियोजना को नक्सली आतंक के अंधकार में विकास का नया उजाला बताया है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किलोमीटर है,