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Bengal Elections 2026

Bongaon BJP candidate protest clash: बनगांव में चुनाव प्रचार के दौरान हंगामा, भाजपा प्रत्याशी अशोक कीर्तनिया का थाने के सामने धरना | Bengal Elections

Bengal Elections: बनगांव में चुनाव प्रचार के दौरान हंगामा, भाजपा प्रत्याशी अशोक कीर्तनिया का थाने के सामने धरना | Videos

बनगांव, पश्चिम बंगाल: बनगांव नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 में चुनाव प्रचार के दौरान विवाद के बाद भाजपा प्रत्याशी अशोक कीर्तनिया ने बनगांव थाने के सामने सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। Bongaon Clash: BJP Candidate Ashok Kirtaniya Sits on Protest | TMC Denies Allegations बनगांव के वार्ड 14 में चुनाव प्रचार के दौरान विवाद के बाद भाजपा प्रत्याशी अशोक कीर्तनिया थाने के सामने धरने पर बैठे। टीएमसी पर हमले का आरोप, वहीं TMC ने आरोपों को नकारा। इलाके में तनाव… pic.twitter.com/H6bUnlO1Hr — Rashtra Bharat (@RBharatdigital) April 16,

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Adhir Chowdhury campaign attack Berhampore Election Commission: बहरामपुर में अधीर चौधरी के प्रचार पर TMC समर्थकों का हमला — चुनाव आयोग ने तैनात की केंद्रीय बल और राज्य पुलिस

Photos: बहरामपुर में अधीर चौधरी के प्रचार पर TMC समर्थकों का हमला, चुनाव आयोग ने तैनात की केंद्रीय बल और राज्य पुलिस

बहरामपुर: कल सुबह चुनावी प्रचार के दौरान बहरामपुर नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 19 में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के प्रचार अभियान पर TMC समर्थकों ने हमला कर दिया। इस घटना के बाद चुनाव आयोग ने तत्काल कड़ा कदम उठाते हुए अधीर चौधरी के चुनावी प्रचार में केंद्रीय बल के साथ-साथ राज्य पुलिस अधिकारियों को भी मोतायन करने का आदेश दिया। चुनाव आयोग की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि बहरामपुर में चुनावी माहौल तेजी से तनावपूर्ण हो रहा है। आगे और घटनाओं की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रहने की उम्मीद है।

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रासबिहारी विधानसभा: CPI(ML) लिबरेशन के प्रत्याशी मानस घोष ने घर-घर किया प्रचार, महंगाई और SIR अत्याचार को बताया चुनावी मुद्दा

रासबिहारी विधानसभा: CPI(ML) लिबरेशन के प्रत्याशी मानस घोष ने घर-घर किया प्रचार, महंगाई और SIR अत्याचार को बताया चुनावी मुद्दा

कोलकाता: रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र में वामफ्रंट के प्रत्याशी और CPI(ML) लिबरेशन के मानस घोष ने टालीगंज रोड पर घर-घर और दुकान-दुकान जाकर जोरदार चुनाव प्रचार किया।   यादवपुर विश्वविद्यालय के फिल्म स्टडीज विभाग के प्रोफेसर मानस घोष इस बार रासबिहारी सीट से वामफ्रंट के उम्मीदवार हैं।   प्रचार के दौरान उन्होंने जनता से सीधे संवाद किया और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की महंगाई तथा गैस मूल्यवृद्धि को प्रमुख चुनावी मुद्दा बताया। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग के SIR (Special Intensive Revision) अभियान के तहत हो रहे कथित अत्याचार का भी जिक्र किया और कहा कि इन मुद्दों का सीधा असर

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Central forces route march Durgapur Kanksa election 2026: विधानसभा चुनाव से पहले कांकसा में केंद्रीय बल का रूट मार्च — बूथों का निरीक्षण, मतदाताओं से की बातचीत

Durgapur News: विधानसभा चुनाव से पहले कांकसा में केंद्रीय बल का रूट मार्च, बूथों का निरीक्षण, मतदाताओं से की बातचीत

दुर्गापुर | आगामी विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले ही दुर्गापुर के कांकसा क्षेत्र में नया कांचनपुर विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय बल ने रूट मार्च निकाला। जिले में यह पहला केंद्रीय बाहिनी रूट मार्च बताया जा रहा है। बूथ निरीक्षण और मतदाताओं से संवाद केंद्रीय बल के जवानों ने पूरे इलाके का दौरा कर मतदान बूथों का निरीक्षण किया। इस दौरान जवानों ने स्थानीय मतदाताओं से सीधी बातचीत भी की। पुलिस और केंद्रीय बल ने मिलकर निकाला मार्च कांकसा थाना पुलिस केंद्रीय बल के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरे क्षेत्र में रूट मार्च पर निकली।

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Mohammad Salim CPI(M) West Bengal Election Strategy 2026

Bengal Politics: मोहम्मद सलीम का बड़ा ऐलान, वाम एकता और तीसरे विकल्प की रणनीति स्पष्ट

Mohammad Salim CPI(M) West Bengal Election Strategy 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव से पूर्व हलचल तेज हो गई है। राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक के उपरांत मोहम्मद सलीम ने एक विस्तृत संवाददाता सम्मेलन कर आगामी चुनावों को लेकर पार्टी की दिशा और रणनीति स्पष्ट की। यह बैठक चुनाव पूर्व अंतिम राज्य कमेटी बैठक थी, जिसमें राजनीतिक प्रस्ताव और चुनावी नीति को औपचारिक स्वीकृति दी गई। इस प्रस्ताव को पोलित ब्यूरो की सहमति भी प्राप्त हुई है। चुनावी रणनीति और व्यापक वाम एकता का खाका मोहम्मद सलीम ने स्पष्ट किया कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

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Humayun Kabir New Party: सिविक स्वयंसेवक मुजकेरा बीबी बैष्णबनगर सीट से उम्मीदवार, नौकरी गई पर हौसला बरकरार

पश्चिम बंगाल के सिविक स्वयंसेवक से विधायक हुमायूं कबीर की नई पार्टी के उम्मीदवार बनीं मुजकेरा बीबी, नौकरी से हटाए जाने पर भी जीत को लेकर आशावादी

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में राजनीतिक गतिविधियों ने एक नया मोड़ ले लिया है। विधायक हुमायूं कबीर की नई राजनीतिक पार्टी ने बैष्णबनगर विधानसभा क्षेत्र से अपने उम्मीदवार का नाम घोषित कर दिया है। इस बार उम्मीदवार के रूप में चुनी गई हैं मुजकेरा बीबी, जो पहले एक सिविक स्वयंसेवक के रूप में काम करती थीं। उम्मीदवार घोषित होते ही उन्हें अपनी नौकरी से हटा दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद वह चुनाव जीतने को लेकर पूरी तरह आशावादी हैं। राजनीति में नया कदम मुजकेरा बीबी बैष्णबनगर के बिननगर एक ग्राम पंचायत की रहने वाली हैं। उनके पति कुरबान

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SIR Process

चुनाव आयोग का कड़ा निर्देश: एसआईआर प्रक्रिया में त्रुटि पर अधिकारियों को होगी जवाबदेही

चुनाव आयोग की चेतावनी: एसआईआर प्रक्रिया में चूक पर नहीं बख्शे जाएंगे अधिकारी कोलकाता में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। आयोग ने यह स्पष्ट किया कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक आधार का मूल दस्तावेज है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती ने कोलकाता में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसआईआर की प्रगति, उसकी

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Asaduddin Owaisi

2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में AIMIM की तैयारी तेज, अल्पसंख्यक बहुल मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों पर विशेष फोकस

आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए AIMIM की रणनीति 2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने राज्य के दो महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक बहुल जिलों—मालदा और मुर्शिदाबाद—में अपना संगठनिक ढांचा मजबूत करना शुरू कर दिया है। पार्टी की यह पहल न केवल चुनावी मैदान में अपने प्रभाव को बढ़ाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है, बल्कि इसे एक व्यापक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि AIMIM राज्य राजनीति में गंभीर उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। मालदा में संगठन विस्तार पर विशेष

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Mamata Banerjee: ममता बनर्जी की दूरदर्शी राजनीति, भावनाओं के पीछे छिपी कूटनीति और पश्चिम बंगाल में सत्ता का खेल

ममता बनर्जी की रणनीतिक राजनीति: भावनाओं के आवरण में विश्लेषणात्मक सोच

ममता बनर्जी की राजनीतिक यात्रा: रणनीति और भावनाओं का अनूठा संयोजन नई दिल्ली – भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ नेताओं ने अपनी रणनीतिक सूझ-बूझ से छोटे आंदोलन को विशाल राजनीतिक शक्ति में तब्दील कर दिया है। ममता बनर्जी ऐसे ही नेताओं में से हैं। बिहार विधानसभा चुनावों के परिणामों ने जहां कांग्रेस और वामपंथी दलों को झटका दिया है, वहीं यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की ओर इशारा कर रहा है। आने वाले साल में जब पश्चिम बंगाल 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव होंगे, तब तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक

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