
Spain Rejects Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को एक और झटका लगा है। नाटो सहयोगी देश स्पेन ने इस पहल में शामिल होने के निमंत्रण को साफ शब्दों में अस्वीकार कर दिया है। स्पेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मामलों और शांति व्यवस्था के लिए संयुक्त राष्ट्र पर भरोसा करती है और किसी समानांतर संगठन की जरूरत नहीं समझती। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। स्पेन का साफ इनकार यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के बाद बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में पत्रकारों से

Spain Rejects Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को एक और झटका लगा है। नाटो सहयोगी देश स्पेन ने इस पहल में शामिल होने के निमंत्रण को साफ शब्दों में अस्वीकार कर दिया है। स्पेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मामलों और शांति व्यवस्था के लिए संयुक्त राष्ट्र पर भरोसा करती है और किसी समानांतर संगठन की जरूरत नहीं समझती। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। स्पेन का साफ इनकार यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के बाद बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में पत्रकारों से

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक नई अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना की है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य दुनिया के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और स्थिरता लाना है। लेकिन इस बोर्ड में पाकिस्तान को शामिल करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। खासकर इजरायल ने इस फैसले पर सख्त आपत्ति जताई है। गुरुवार को पाकिस्तान को आधिकारिक तौर पर इस बोर्ड का सदस्य बना दिया गया। मूल रूप से यह संस्था गाजा की पुनर्निर्माण योजना के लिए बनाई गई थी। लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर दुनिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक नई अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना की है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य दुनिया के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और स्थिरता लाना है। लेकिन इस बोर्ड में पाकिस्तान को शामिल करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। खासकर इजरायल ने इस फैसले पर सख्त आपत्ति जताई है। गुरुवार को पाकिस्तान को आधिकारिक तौर पर इस बोर्ड का सदस्य बना दिया गया। मूल रूप से यह संस्था गाजा की पुनर्निर्माण योजना के लिए बनाई गई थी। लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर दुनिया