
Heavy Rain Damage in Kalameshwar: डॉ. आशीषराव देशमुख ने फसल नुकसान का आंकलन किया आज शनिवार, दिनांक 27 सितम्बर 2025 को Kalameshwar तहसील के Telgaon, Dadhera, Tidangi, Malegaon (Joga), Nandgomukh और Salai गांवों में हुई अतिवृष्टि ने किसानों की फसलों को गंभीर नुकसान पहुँचाया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की आय और आजीविका प्रभावित हुई है। इस घटना को लेकर Heavy Rain Damage in Kalameshwar की व्यापक खबर सामने आई है। सावनेर-कलमेश्वर क्षेत्र के विधायक Dr. Ashishrao Deshmukh ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और फसल नुकसान का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने खेतों में जाकर फसलों की वास्तविक स्थिति

Heavy Rain Damage in Kalameshwar: डॉ. आशीषराव देशमुख ने फसल नुकसान का आंकलन किया आज शनिवार, दिनांक 27 सितम्बर 2025 को Kalameshwar तहसील के Telgaon, Dadhera, Tidangi, Malegaon (Joga), Nandgomukh और Salai गांवों में हुई अतिवृष्टि ने किसानों की फसलों को गंभीर नुकसान पहुँचाया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की आय और आजीविका प्रभावित हुई है। इस घटना को लेकर Heavy Rain Damage in Kalameshwar की व्यापक खबर सामने आई है। सावनेर-कलमेश्वर क्षेत्र के विधायक Dr. Ashishrao Deshmukh ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और फसल नुकसान का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने खेतों में जाकर फसलों की वास्तविक स्थिति

Maharashtra Heavy Rain ने एक बार फिर राज्य के किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। लगातार जारी भारी बारिश और अतिवृष्टि से महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र में हजारों एकड़ फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। धान, कपास, सोयाबीन और दालों की फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई जिलों में खेतों में खड़ी फसलें या तो सड़ चुकी हैं या गिर चुकी हैं। इससे किसानों की आय पर गहरी चोट पड़ी है और जिन लोगों ने कर्ज लेकर खेती की थी, वे अब और बड़े संकट

Maharashtra Heavy Rain ने एक बार फिर राज्य के किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। लगातार जारी भारी बारिश और अतिवृष्टि से महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र में हजारों एकड़ फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। धान, कपास, सोयाबीन और दालों की फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई जिलों में खेतों में खड़ी फसलें या तो सड़ चुकी हैं या गिर चुकी हैं। इससे किसानों की आय पर गहरी चोट पड़ी है और जिन लोगों ने कर्ज लेकर खेती की थी, वे अब और बड़े संकट