दो दशक बाद दिल्ली की सड़कों पर विरोध की शैली ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इंडिया गेट के भव्य परिसर में रविवार शाम हुए प्रदर्शन ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे, हिंसक समर्थन और नक्सली विचारधारा के प्रसार पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन अचानक उस दिशा में मुड़ गया, जहां प्रदर्शनकारियों के हाथों में पेपर स्प्रे था, और उनके पोस्टर में नक्सली कमांडर माडवी हिडमा का चेहरा दिखाई दे रहा था। यह वही हिडमा है जिसे भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने वर्षों से सबसे खतरनाक माओवादी