
दिल्ली ब्लास्ट में सामने आया सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल भारत की राजधानी दिल्ली में हुए आत्मघाती कार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को नए तरह के आतंक मॉडल से रूबरू कराया है। यह मॉडल साधारण उग्रवादियों का नहीं बल्कि शिक्षित, सामाजिक रूप से सम्मानजनक और खुद को सभ्य दिखाने वाले आतंकियों का नेटवर्क है। इन्हें ‘व्हाइट कॉलर मॉड्यूल’ कहा गया है। इनकी भूमिका सिर्फ हमले करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि ये फंड इकट्ठा करते थे, विस्फोटक तैयार करते थे और खासतौर पर पढ़े-लिखे युवाओं को आतंकी संगठन से जुड़ने के लिए तैयार करते थे। यह नेटवर्क जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और

दिल्ली ब्लास्ट में सामने आया सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल भारत की राजधानी दिल्ली में हुए आत्मघाती कार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को नए तरह के आतंक मॉडल से रूबरू कराया है। यह मॉडल साधारण उग्रवादियों का नहीं बल्कि शिक्षित, सामाजिक रूप से सम्मानजनक और खुद को सभ्य दिखाने वाले आतंकियों का नेटवर्क है। इन्हें ‘व्हाइट कॉलर मॉड्यूल’ कहा गया है। इनकी भूमिका सिर्फ हमले करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि ये फंड इकट्ठा करते थे, विस्फोटक तैयार करते थे और खासतौर पर पढ़े-लिखे युवाओं को आतंकी संगठन से जुड़ने के लिए तैयार करते थे। यह नेटवर्क जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और

आतंकी मॉड्यूल के बिखराव ने क्यों जन्म दिया समयपूर्व विस्फोट अंतहीन टकराव और बुनियादी योजना का ध्वंस दिल्ली के लालकिले के समीप हुए विस्फोट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि आतंकी मॉड्यूल के भीतर गहरे मतभेद, अधीरता और अविश्वास ने इस पूरे नेटवर्क को भीतर ही भीतर नष्ट कर दिया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी लगातार इस बात को लेकर आक्रोशित था कि योजनाबद्ध हमला बार-बार टल रहा है। मूल योजना 15 अगस्त को हमले की थी, जिसे बाद में 6 दिसंबर पर ले जाया गया।

आतंकी मॉड्यूल के बिखराव ने क्यों जन्म दिया समयपूर्व विस्फोट अंतहीन टकराव और बुनियादी योजना का ध्वंस दिल्ली के लालकिले के समीप हुए विस्फोट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि आतंकी मॉड्यूल के भीतर गहरे मतभेद, अधीरता और अविश्वास ने इस पूरे नेटवर्क को भीतर ही भीतर नष्ट कर दिया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी लगातार इस बात को लेकर आक्रोशित था कि योजनाबद्ध हमला बार-बार टल रहा है। मूल योजना 15 अगस्त को हमले की थी, जिसे बाद में 6 दिसंबर पर ले जाया गया।

दिल्ली विस्फोट में उभरा सफेदपोश आतंकी तंत्र नवीन दिल्ली में लाल किले के बाहरी क्षेत्र में किये गये आत्मघाती विस्फोट ने न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली की गहराई से परीक्षा ली है, बल्कि इस घटना ने उस छिपे हुए और जटिल नेटवर्क का चेहरा भी सामने रखा है, जिसके द्वारा उच्च शिक्षित और पेशेवर व्यक्तियों को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर आत्मघाती अभियानों की राह पर धकेला जा रहा है। जांच में सामने आया कि इस सम्पूर्ण षड्यंत्र का नेतृत्व जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी डॉ. उमर नबी बट ने किया था, जो लंबे समय से युवाओं को वैचारिक रूप से परिवर्तित

दिल्ली विस्फोट में उभरा सफेदपोश आतंकी तंत्र नवीन दिल्ली में लाल किले के बाहरी क्षेत्र में किये गये आत्मघाती विस्फोट ने न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली की गहराई से परीक्षा ली है, बल्कि इस घटना ने उस छिपे हुए और जटिल नेटवर्क का चेहरा भी सामने रखा है, जिसके द्वारा उच्च शिक्षित और पेशेवर व्यक्तियों को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर आत्मघाती अभियानों की राह पर धकेला जा रहा है। जांच में सामने आया कि इस सम्पूर्ण षड्यंत्र का नेतृत्व जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी डॉ. उमर नबी बट ने किया था, जो लंबे समय से युवाओं को वैचारिक रूप से परिवर्तित