Madhav Gadgil: भारत ने आज एक ऐसी आवाज खो दी है, जो समय से पहले खतरे पहचानती थी, लेकिन जिसे समय रहते सुना नहीं गया। वरिष्ठ पर्यावरणविद् माधव गाडगिल का बुधवार देर रात पुणे में निधन हो गया। 83 वर्ष की आयु में दुनिया से विदा हुए गाडगिल केवल एक वैज्ञानिक नहीं थे, बल्कि वे समाज और प्रकृति के बीच सेतु बनाने वाले दुर्लभ चिंतक थे। उनके निधन की पुष्टि उनके पुत्र सिद्धार्थ गाडगिल ने की। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जमीनी पर्यावरण चेतना के सशक्त स्तंभ माधव गाडगिल ने भारत में पर्यावरण को केवल किताबों और प्रयोगशालाओं तक