
बिहार की राजनीति इन दिनों गरमाहट की चपेट में है। विधान सभा चुनाव की तैयारी जोरशोर से चल रही है, और प्रतिद्वंद्वी गठबंधनों के भीतर उठते सुर अक्सर सुर्खियों में छाए रहते हैं। ऐसे समय में मुख्यधारा के राजनेता मुकेश सहनी ने एक चुटपुट लेकिन रणनीतिक बयान देकर माहौल को और दिलचस्प बना दिया है। उन्होंने कहा — “महागठबंधन थोड़ा अस्वस्थ हुआ है, लेकिन चिंता की बात नहीं, सभी डॉक्टर दिल्ली में हैं, इलाज दिल्ली में ही हो जाएगा और महागठबंधन पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटेगा।” यह बयान न केवल एक व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति है, बल्कि राजनीतिक संदेश की तरह भी

बिहार की राजनीति इन दिनों गरमाहट की चपेट में है। विधान सभा चुनाव की तैयारी जोरशोर से चल रही है, और प्रतिद्वंद्वी गठबंधनों के भीतर उठते सुर अक्सर सुर्खियों में छाए रहते हैं। ऐसे समय में मुख्यधारा के राजनेता मुकेश सहनी ने एक चुटपुट लेकिन रणनीतिक बयान देकर माहौल को और दिलचस्प बना दिया है। उन्होंने कहा — “महागठबंधन थोड़ा अस्वस्थ हुआ है, लेकिन चिंता की बात नहीं, सभी डॉक्टर दिल्ली में हैं, इलाज दिल्ली में ही हो जाएगा और महागठबंधन पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटेगा।” यह बयान न केवल एक व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति है, बल्कि राजनीतिक संदेश की तरह भी

दिनारा में चुनावी माहौल तेज, उम्मीदवारों की घोषणा नहीं | Dinara Assembly Election 2025 रोहतास जिले के दिनारा विधानसभा क्षेत्र में 11 नवंबर 2025 को मतदान होना है, लेकिन अभी तक किसी भी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। इस कारण से कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गठबंधनों में सीट शेयरिंग और टिकट वितरण को लेकर स्पष्टता नहीं है। परिणामस्वरूप चुनावी तैयारी में शामिल नेता और कार्यकर्ता “वेट एंड वॉच” की स्थिति में हैं। यह भी पढ़ें: Bihar Politics: सीट शेयरिंग पर चिराग पासवान का बयान टालने से

दिनारा में चुनावी माहौल तेज, उम्मीदवारों की घोषणा नहीं | Dinara Assembly Election 2025 रोहतास जिले के दिनारा विधानसभा क्षेत्र में 11 नवंबर 2025 को मतदान होना है, लेकिन अभी तक किसी भी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। इस कारण से कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गठबंधनों में सीट शेयरिंग और टिकट वितरण को लेकर स्पष्टता नहीं है। परिणामस्वरूप चुनावी तैयारी में शामिल नेता और कार्यकर्ता “वेट एंड वॉच” की स्थिति में हैं। यह भी पढ़ें: Bihar Politics: सीट शेयरिंग पर चिराग पासवान का बयान टालने से