
नागपुर में बाबा साहब अंबेडकर अनुयायियों का स्थायी स्थल हेतु अनशन नागपुर के जरिपटका पुलिस थाना क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों द्वारा स्थायी स्थल की मांग को लेकर अनशन प्रदर्शन किया गया। इस अनशन का मुख्य उद्देश्य था कि नगर में उनके आदर्श नेता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर एक निश्चित स्थायी स्थल अलॉट किया जाए, जहाँ समुदाय नियमित रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सके। अनशन स्थल पर पहुंची नगर प्रशासन की टीम ने पाया कि अनुयायी जिस स्थान पर बैठे थे, वह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है। अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन

नागपुर में बाबा साहब अंबेडकर अनुयायियों का स्थायी स्थल हेतु अनशन नागपुर के जरिपटका पुलिस थाना क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों द्वारा स्थायी स्थल की मांग को लेकर अनशन प्रदर्शन किया गया। इस अनशन का मुख्य उद्देश्य था कि नगर में उनके आदर्श नेता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर एक निश्चित स्थायी स्थल अलॉट किया जाए, जहाँ समुदाय नियमित रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सके। अनशन स्थल पर पहुंची नगर प्रशासन की टीम ने पाया कि अनुयायी जिस स्थान पर बैठे थे, वह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है। अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन

Hingoli Farmers Protest: खरबी-ईसापुर लिंक परियोजना के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल हिंगोली जिले में Hingoli Farmers Protest ने एक नई ऊँचाई हासिल कर ली है। लगभग 40 गांवों के किसान Kharbi-Isapur Link Project के खिलाफ indefinite hunger strike पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि इस परियोजना के माध्यम से Kayadhu River का पानी अवैध रूप से ईसापुर बाँध और आगे Pengaṅga River की ओर मोड़ा जा रहा है। किसानों का नेतृत्व कर रहे डॉ. रमेश शिंदे ने साफ किया है कि चाहे उनकी जान चली जाए, लेकिन वह किसी भी हाल में कयाधु नदी का पानी ईसापुर बाँध में

Hingoli Farmers Protest: खरबी-ईसापुर लिंक परियोजना के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल हिंगोली जिले में Hingoli Farmers Protest ने एक नई ऊँचाई हासिल कर ली है। लगभग 40 गांवों के किसान Kharbi-Isapur Link Project के खिलाफ indefinite hunger strike पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि इस परियोजना के माध्यम से Kayadhu River का पानी अवैध रूप से ईसापुर बाँध और आगे Pengaṅga River की ओर मोड़ा जा रहा है। किसानों का नेतृत्व कर रहे डॉ. रमेश शिंदे ने साफ किया है कि चाहे उनकी जान चली जाए, लेकिन वह किसी भी हाल में कयाधु नदी का पानी ईसापुर बाँध में