आईटीआर में गलती होना असामान्य नहीं, समाधान मौजूद भारत में बदलते टैक्स नियमों और डिजिटल प्रक्रियाओं के बीच आयकर रिटर्न दाखिल करना आम करदाताओं के लिए एक नियमित वार्षिक कार्य बन चुका है। इसके बावजूद रिटर्न दाखिल करते समय छोटी या बड़ी भूलें होना बेहद सामान्य है। आंकड़ों से यह भी स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में करदाता गलत विवरण भर देने, आय के किसी स्रोत को दर्ज न करने या किसी कटौती को सही ढंग से न जोड़ने के कारण बाद में रिफंड में देरी या नोटिस का सामना करते हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए आयकर विभाग