
गुजरात में सेमीकंडक्टर सप्लाई प्लांट का निर्माण केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि 30 जापानी कंपनियाँ गुजरात में सेमीकंडक्टर सप्लाई प्लांट स्थापित करेंगी। ये प्लांट मुख्य रूप से केमिकल्स, गैस और अन्य घटकों का उत्पादन करेंगे, जो चार बड़े चिप निर्माण केंद्रों के लिए आवश्यक होंगे, जिनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का ढोलेरा फैब और माइक्रॉन टेक्नोलॉजी का सनंद यूनिट शामिल हैं। वेब स्टोरी: निवेश और रोजगार इन परियोजनाओं में कुल निवेश 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अनुमान है। यह निवेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान के अनुरूप है। इन योजनाओं से हजारों नई

गुजरात में सेमीकंडक्टर सप्लाई प्लांट का निर्माण केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि 30 जापानी कंपनियाँ गुजरात में सेमीकंडक्टर सप्लाई प्लांट स्थापित करेंगी। ये प्लांट मुख्य रूप से केमिकल्स, गैस और अन्य घटकों का उत्पादन करेंगे, जो चार बड़े चिप निर्माण केंद्रों के लिए आवश्यक होंगे, जिनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का ढोलेरा फैब और माइक्रॉन टेक्नोलॉजी का सनंद यूनिट शामिल हैं। वेब स्टोरी: निवेश और रोजगार इन परियोजनाओं में कुल निवेश 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अनुमान है। यह निवेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान के अनुरूप है। इन योजनाओं से हजारों नई

आईआईटी भुवनेश्वर में नया सेमीकंडक्टर लैब केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आईआईटी भुवनेश्वर में MPLAD योजना के तहत ‘नमो सेमीकंडक्टर लैब’ की स्थापना की घोषणा की। इस लैब की कुल अनुमानित लागत ₹4.95 करोड़ रखी गई है। उद्देश्य और लाभ नई लैब का मुख्य उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए प्रशिक्षित युवाओं का निर्माण करना है। इससे छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी कौशल प्राप्त होंगे और आईआईटी भुवनेश्वर सेमीकंडक्टर अनुसंधान और प्रशिक्षण का केंद्र बन जाएगा। यह सुविधा भविष्य में देश में बनने वाले चिप निर्माण और पैकेजिंग संयंत्रों के लिए प्रतिभा विकास में मदद करेगी। ‘मेक

आईआईटी भुवनेश्वर में नया सेमीकंडक्टर लैब केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आईआईटी भुवनेश्वर में MPLAD योजना के तहत ‘नमो सेमीकंडक्टर लैब’ की स्थापना की घोषणा की। इस लैब की कुल अनुमानित लागत ₹4.95 करोड़ रखी गई है। उद्देश्य और लाभ नई लैब का मुख्य उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए प्रशिक्षित युवाओं का निर्माण करना है। इससे छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी कौशल प्राप्त होंगे और आईआईटी भुवनेश्वर सेमीकंडक्टर अनुसंधान और प्रशिक्षण का केंद्र बन जाएगा। यह सुविधा भविष्य में देश में बनने वाले चिप निर्माण और पैकेजिंग संयंत्रों के लिए प्रतिभा विकास में मदद करेगी। ‘मेक