सुप्रीम कोर्ट का महत्त्वपूर्ण निर्णय और झारखंड विधानसभा नियुक्ति विवाद प्रकरण की पृष्ठभूमि और विवाद का प्रारंभ झारखंड विधानसभा नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं का विवाद उस समय उठा जब सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर शर्मा ने झारखंड हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। याचिका में दावा किया गया कि विधानसभा में बड़े पैमाने पर अवैध नियुक्तियां और पदोन्नतियां की गईं। वर्ष 2018 में राज्यपाल द्वारा 30 बिंदुओं पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई थीं, जिसमें स्पष्ट रूप से प्रक्रियात्मक उल्लंघन का उल्लेख था। बावजूद इसके, किसी प्रकार की निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई। यह मामला समय के साथ राजनीतिक रूप