
झारखंड में पर्यटन को नई पहचान देगा पहला टाइगर सफारी प्रोजेक्ट रांची में मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड के पहले टाइगर सफारी प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रेजेंटेशन देखा। यह परियोजना राज्य के लातेहार जिले के पुटूवागढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित है, जो पलामू टाइगर रिजर्व के बाहर का इलाका है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना और राज्य को वन्यजीव पर्यटन के नक्शे पर प्रमुख स्थान दिलाना है। टाइगर सफारी परियोजना का स्थान और महत्व लातेहार जिला का चयन इस

झारखंड में पर्यटन को नई पहचान देगा पहला टाइगर सफारी प्रोजेक्ट रांची में मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड के पहले टाइगर सफारी प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रेजेंटेशन देखा। यह परियोजना राज्य के लातेहार जिले के पुटूवागढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित है, जो पलामू टाइगर रिजर्व के बाहर का इलाका है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना और राज्य को वन्यजीव पर्यटन के नक्शे पर प्रमुख स्थान दिलाना है। टाइगर सफारी परियोजना का स्थान और महत्व लातेहार जिला का चयन इस

JJMP Militants Surrender: झारखंड में पुलिस और सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों और उग्रवादियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा बलों के ट्रेंड जवान जंगलों और पहाड़ों की खाक छान रहे हैं। इस दौरान नक्सली और उग्रवादी या तो पुलिस की गोलियों का शिकार हो जाते हैं या पकड़े जाते हैं। एक बार फिर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हालांकि, इस बार किसी मुठभेड़ में सफलता नहीं मिली। सरकार की सरेंडर पॉलिसी का लाभ मिला है। लातेहार में जेजेएमपी के 9 उग्रवादियों ने किया सरेंडर कभी झारखंड के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे लातेहार जिले में प्रतिबंधित

JJMP Militants Surrender: झारखंड में पुलिस और सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों और उग्रवादियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा बलों के ट्रेंड जवान जंगलों और पहाड़ों की खाक छान रहे हैं। इस दौरान नक्सली और उग्रवादी या तो पुलिस की गोलियों का शिकार हो जाते हैं या पकड़े जाते हैं। एक बार फिर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हालांकि, इस बार किसी मुठभेड़ में सफलता नहीं मिली। सरकार की सरेंडर पॉलिसी का लाभ मिला है। लातेहार में जेजेएमपी के 9 उग्रवादियों ने किया सरेंडर कभी झारखंड के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे लातेहार जिले में प्रतिबंधित