
विकास कार्यों के लिए चाहिए बहुत पैसे Rising Public Debt of Maharashtra: महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के बावजूद बढ़ता कर्ज़ एक गंभीर चेतावनी है। अगर समय रहते सही आर्थिक नीतियां अपनाई जाएं और खर्चों को संतुलित रखा जाए, तो राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रह सकती है और विकास की गति भी जारी रह सकती है। महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े और आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों में से एक माना जाता है। उद्योग, व्यापार, खेती और सेवाओं के क्षेत्र में राज्य की बड़ी भूमिका है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य पर कर्ज़ लगातार बढ़ता जा रहा

विकास कार्यों के लिए चाहिए बहुत पैसे Rising Public Debt of Maharashtra: महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के बावजूद बढ़ता कर्ज़ एक गंभीर चेतावनी है। अगर समय रहते सही आर्थिक नीतियां अपनाई जाएं और खर्चों को संतुलित रखा जाए, तो राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रह सकती है और विकास की गति भी जारी रह सकती है। महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े और आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों में से एक माना जाता है। उद्योग, व्यापार, खेती और सेवाओं के क्षेत्र में राज्य की बड़ी भूमिका है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य पर कर्ज़ लगातार बढ़ता जा रहा

राज्य की अर्थव्यवस्था में स्थिर और मजबूत वृद्धि Maharashtra Economic Survey 2025-26 GDP growth: मुंबई। महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तुत ‘महाराष्ट्र आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26’ के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में संतुलित विकास, बुनियादी ढाँचे में बड़े पैमाने पर निवेश और व्यापार सुगमता में सुधार के चलते राज्य की आर्थिक प्रतिस्पर्धा और सुदृढ़ हुई है। मुख्य आँकड़े एक नज़र में: सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में राज्य का सांकेतिक सकल राज्य घरेलू उत्पाद (Nominal GSDP) लगभग 51 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।

राज्य की अर्थव्यवस्था में स्थिर और मजबूत वृद्धि Maharashtra Economic Survey 2025-26 GDP growth: मुंबई। महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तुत ‘महाराष्ट्र आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26’ के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में संतुलित विकास, बुनियादी ढाँचे में बड़े पैमाने पर निवेश और व्यापार सुगमता में सुधार के चलते राज्य की आर्थिक प्रतिस्पर्धा और सुदृढ़ हुई है। मुख्य आँकड़े एक नज़र में: सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में राज्य का सांकेतिक सकल राज्य घरेलू उत्पाद (Nominal GSDP) लगभग 51 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।