
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर अहम मोड़ आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनकी दो साल की सजा को निलंबित कर दिया है और जमानत मंजूर की है। हालांकि, अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। यह फैसला राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन गया है। अदालत का फैसला क्या है बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि माणिकराव कोकाटे की दोषसिद्धि को बरकरार रखा जाएगा। लेकिन उनकी अपील का निपटारा

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर अहम मोड़ आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनकी दो साल की सजा को निलंबित कर दिया है और जमानत मंजूर की है। हालांकि, अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। यह फैसला राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन गया है। अदालत का फैसला क्या है बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि माणिकराव कोकाटे की दोषसिद्धि को बरकरार रखा जाएगा। लेकिन उनकी अपील का निपटारा

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को खेलों के क्षेत्र में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से “Viksit Maharashtra 2047 – युवा व खेल संवाद” अभियान की शुरुआत नागपुर से की है। इस पहल का मकसद है कि आने वाले वर्षों में राज्य की Maharashtra Sports Policy 2047 को अधिक समावेशी, व्यावहारिक और खिलाड़ियों की ज़रूरतों के अनुसार तैयार किया जा सके। खिलाड़ियों की प्रमुख मांगें और Sports Policy 2047 से जोड़ाव नागपुर में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में गडचिरोली, चंद्रपुर, भंडारा, गोंदिया, वर्धा और नागपुर जिलों के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, संघटकों, पंचों, दिव्यांग खिलाड़ियों और विभिन्न खेल संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को खेलों के क्षेत्र में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से “Viksit Maharashtra 2047 – युवा व खेल संवाद” अभियान की शुरुआत नागपुर से की है। इस पहल का मकसद है कि आने वाले वर्षों में राज्य की Maharashtra Sports Policy 2047 को अधिक समावेशी, व्यावहारिक और खिलाड़ियों की ज़रूरतों के अनुसार तैयार किया जा सके। खिलाड़ियों की प्रमुख मांगें और Sports Policy 2047 से जोड़ाव नागपुर में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में गडचिरोली, चंद्रपुर, भंडारा, गोंदिया, वर्धा और नागपुर जिलों के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, संघटकों, पंचों, दिव्यांग खिलाड़ियों और विभिन्न खेल संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल