चंद्रपुर जिले के नवरगांव में रहने वाली मथुरा ताई का नाम देश के कानूनी इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। 1972 में हुए अत्याचार के उस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसी मामले के कारण भारत में बलात्कार कानूनों में बड़े बदलाव हुए थे। लेकिन आज वही मथुरा ताई जिनके दर्द ने कानून को बदल दिया, खुद बेहद कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन बिता रही हैं। अर्धांगवायू यानी लकवे से पीड़ित मथुरा ताई की हालत जब विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे को पता चली तो उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए नवरगांव का