
सहरसा, बिहार। Saharsa Crime News: बिहार के सहरसा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। मामला महिला शोषण, ब्लैकमेलिंग और अपराध की नकली आस्था से जुड़ा है। पुलिस ने इस प्रकरण में महिषी थाना क्षेत्र के अरापट्टी निवासी युवक गोविंद झा को गिरफ्तार किया है। वेब स्टोरी: पूजा-पाठ के बहाने घर आना-जाना जानकारी के अनुसार आरोपी खुद को धार्मिक प्रवृत्ति का बताकर महिलाओं और परिवारों के बीच घुल-मिल जाता था। वह पीड़िता के घर भी पूजा-पाठ और धार्मिक कर्मकांड के बहाने आता-जाता था। इसी दौरान उसने मौका पाकर पीड़िता के

सहरसा, बिहार। Saharsa Crime News: बिहार के सहरसा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। मामला महिला शोषण, ब्लैकमेलिंग और अपराध की नकली आस्था से जुड़ा है। पुलिस ने इस प्रकरण में महिषी थाना क्षेत्र के अरापट्टी निवासी युवक गोविंद झा को गिरफ्तार किया है। वेब स्टोरी: पूजा-पाठ के बहाने घर आना-जाना जानकारी के अनुसार आरोपी खुद को धार्मिक प्रवृत्ति का बताकर महिलाओं और परिवारों के बीच घुल-मिल जाता था। वह पीड़िता के घर भी पूजा-पाठ और धार्मिक कर्मकांड के बहाने आता-जाता था। इसी दौरान उसने मौका पाकर पीड़िता के

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने