
Anant Ambani Shirdi Visit: रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे और रिलायंस ग्रुप में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी कल सोमवार को शिरडी पहुंचे और साईं बाबा के दर्शन किए। अनंत अंबानी ने साईं बाबा के दरबार में पूरे विधि-विधान से दर्शन किए। उन्होंने सबसे पहले साईं बाबा की समाधि पर माथा टेका और उसके बाद धूप आरती में भाग लिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने उन्हें बेहद सादगी और शांत भाव में पूजा करते देखा। धूप आरती में सहभागिता और समाधि पर श्रद्धा शिरडी साईं मंदिर में धूप आरती का विशेष महत्व माना जाता है। अनंत

Anant Ambani Shirdi Visit: रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे और रिलायंस ग्रुप में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी कल सोमवार को शिरडी पहुंचे और साईं बाबा के दर्शन किए। अनंत अंबानी ने साईं बाबा के दरबार में पूरे विधि-विधान से दर्शन किए। उन्होंने सबसे पहले साईं बाबा की समाधि पर माथा टेका और उसके बाद धूप आरती में भाग लिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने उन्हें बेहद सादगी और शांत भाव में पूजा करते देखा। धूप आरती में सहभागिता और समाधि पर श्रद्धा शिरडी साईं मंदिर में धूप आरती का विशेष महत्व माना जाता है। अनंत

नवीन दिल्ली / पुट्टापार्थी, आंध्र प्रदेश — भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर, 2025 को पुट्टापार्थी (आंध्र प्रदेश) स्थित श्री सत्य साई बाबा के महासमाधि स्थल पर वंदना अर्पित की। यह कार्यक्रम बाबा की जन्म शताब्दी समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें देश भर के श्रद्धालु और विश्व भर से भक्त एकत्रित हुए हैं। पुट्टापार्थी में राजनीतिक और आध्यात्मिक समारोह (यह भाग बताता है कि यह सिर्फ आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।) प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा न सिर्फ आध्यात्मिक सम्मान की अभिव्यक्ति थी, बल्कि राजनीतिक महत्व भी रखती

नवीन दिल्ली / पुट्टापार्थी, आंध्र प्रदेश — भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर, 2025 को पुट्टापार्थी (आंध्र प्रदेश) स्थित श्री सत्य साई बाबा के महासमाधि स्थल पर वंदना अर्पित की। यह कार्यक्रम बाबा की जन्म शताब्दी समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें देश भर के श्रद्धालु और विश्व भर से भक्त एकत्रित हुए हैं। पुट्टापार्थी में राजनीतिक और आध्यात्मिक समारोह (यह भाग बताता है कि यह सिर्फ आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।) प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा न सिर्फ आध्यात्मिक सम्मान की अभिव्यक्ति थी, बल्कि राजनीतिक महत्व भी रखती