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SIR West Bengal

Trinamool MLA Disrupts SIR Hearing: हुगली में विधायक ने सुनवाई रोकी, बीएलए एंट्री की मांग पर बवाल

हुगली में तृणमूल विधायक ने एसआईआर सुनवाई रोकी, बीएलए की एंट्री की मांग; चुनाव आयोग ने रिपोर्ट मांगी

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सोमवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब तृणमूल कांग्रेस के विधायक असित मजूमदार ने चिनसुरा-मोगरा ब्लॉक कार्यालय में चल रही विशेष गहन संशोधन सुनवाई को रोक दिया। यह घटना उस वक्त हुई जब चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया चल रही थी। विधायक ने बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को सुनवाई प्रक्रिया में शामिल करने की जोरदार मांग की। विधायक का विरोध और मांगें चिनसुरा के विधायक असित मजूमदार ब्लॉक कार्यालय में घुस गए जब सुनवाई की प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने कहा कि बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया में

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Fake Name in Bengal SIR Form: बनगाँव में पिता ने दो अजनबी बच्चों के नाम हटाने की माँग की

बनगाँव में एसआईआर फ़ॉर्म पर दो अनजान बच्चों का नाम देखकर पिता हैरान, बीडीओ के पास शिकायत

बनगाँव में एसआईआर फ़ॉर्म विवाद उत्तर 24 परगना ज़िले के बनगाँव दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर फ़ॉर्म को लेकर एक अजीब मामला सामने आया है। यहाँ रहने वाले रवींद्रनाथ विश्वास अपने परिवार के लिए जब फ़ॉर्म लेकर आए, तब उन्हें अपने परिवार में दो ऐसे बच्चों के नाम दिखाई दिए जिनके बारे में उन्हें कोई जानकारी ही नहीं थी। इस घटना के बाद वह हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत बीडीओ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। परिवार के पाँच लोगों की जगह फ़ॉर्म आया सात लोगों का रवींद्रनाथ विश्वास 191 नंबर बूथ के निवासी हैं। उनके परिवार में कुल पाँच

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Mamta SIR News: ममता बनर्जी पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बाधा डालने का आरोप

ममता बनर्जी पर मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में बाधा डालने का आरोप

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद तेज पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक शोर-गुल लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर इस महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया को बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि राज्य में एसआईआर को सुचारु रूप से चलने से रोकने के लिए तृणमूल नेतृत्व और स्थानीय गुंडों द्वारा बूथ स्तर अधिकारियों को डराया-धमकाया जा रहा है। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग के निर्देशों को खुले तौर पर चुनौती देने का

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