
National Helpline 14427 for Transgender Community: समाज के हर वर्ग को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। यह बात तृतीय लिंग समुदाय पर भी लागू होती है। लेकिन सच्चाई यह है कि इस समुदाय के लोगों को आज भी समाज में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लोगों के बीच फैली गलतफहमियों और पुरानी सोच के कारण तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्तियों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। उनके साथ भेदभाव होता है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा जाता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने तृतीय लिंग समुदाय के

National Helpline 14427 for Transgender Community: समाज के हर वर्ग को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। यह बात तृतीय लिंग समुदाय पर भी लागू होती है। लेकिन सच्चाई यह है कि इस समुदाय के लोगों को आज भी समाज में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लोगों के बीच फैली गलतफहमियों और पुरानी सोच के कारण तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्तियों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। उनके साथ भेदभाव होता है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा जाता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने तृतीय लिंग समुदाय के

Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan: 18 सितंबर को जनसुनवाई महिलाओं की समस्याओं को सीधे जिला स्तर पर सुनने और समाधान करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग (Maharashtra State Women Commission) ने विशेष पहल की है। इस पहल का नाम है “Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan”, जिसके अंतर्गत 18 सितंबर 2025 को नागपुर जिले में महिलाओं की शिकायतों की जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे सदर स्थित जिला नियोजन भवन में होगा। महिलाओं तक न्याय की पहुँच आयोग का कहना है कि मुंबई स्थित मुख्यालय तक पहुँचना दूर-दराज़ क्षेत्रों की महिलाओं के लिए आसान

Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan: 18 सितंबर को जनसुनवाई महिलाओं की समस्याओं को सीधे जिला स्तर पर सुनने और समाधान करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग (Maharashtra State Women Commission) ने विशेष पहल की है। इस पहल का नाम है “Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan”, जिसके अंतर्गत 18 सितंबर 2025 को नागपुर जिले में महिलाओं की शिकायतों की जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे सदर स्थित जिला नियोजन भवन में होगा। महिलाओं तक न्याय की पहुँच आयोग का कहना है कि मुंबई स्थित मुख्यालय तक पहुँचना दूर-दराज़ क्षेत्रों की महिलाओं के लिए आसान