
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के शपथ समारोह से राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर सियासी विवाद भारत के नए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के पदभार ग्रहण के अवसर पर देश की सर्वोच्च न्याय व्यवस्था का महत्त्वपूर्ण अध्याय दर्ज हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा administered शपथ समारोह में शीर्ष राजनीतिक और सरकारी हस्तियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। किंतु इस राष्ट्रीय अवसर पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी। भारतीय जनता पार्टी ने इस अनुपस्थिति को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति विपक्ष की उपेक्षा करार दिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व को

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के शपथ समारोह से राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर सियासी विवाद भारत के नए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के पदभार ग्रहण के अवसर पर देश की सर्वोच्च न्याय व्यवस्था का महत्त्वपूर्ण अध्याय दर्ज हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा administered शपथ समारोह में शीर्ष राजनीतिक और सरकारी हस्तियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। किंतु इस राष्ट्रीय अवसर पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी। भारतीय जनता पार्टी ने इस अनुपस्थिति को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति विपक्ष की उपेक्षा करार दिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व को

भारत को मिलेगा नया प्रधान न्यायाधीश: छोटे शहर से शिखर तक जस्टिस सूर्यकांत की प्रेरक यात्रा भारत के सुप्रीम कोर्ट को नया मुखिया मिलने जा रहा है। यह भूमिका संभालेंगे जस्टिस सूर्यकांत, जो देश के 53वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। उनका जीवन सफर किसी प्रेरक कथा से कम नहीं। एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म, हरियाणा के छोटे शहर से वकालत की शुरुआत, सामाजिक संघर्षों के बीच सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते हुए आज देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के प्रमुख पद तक पहुंचना। यह उपलब्धि वर्तमान समय के उन युवाओं और अभिभावकों के लिए एक ऐसा उदाहरण

भारत को मिलेगा नया प्रधान न्यायाधीश: छोटे शहर से शिखर तक जस्टिस सूर्यकांत की प्रेरक यात्रा भारत के सुप्रीम कोर्ट को नया मुखिया मिलने जा रहा है। यह भूमिका संभालेंगे जस्टिस सूर्यकांत, जो देश के 53वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। उनका जीवन सफर किसी प्रेरक कथा से कम नहीं। एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म, हरियाणा के छोटे शहर से वकालत की शुरुआत, सामाजिक संघर्षों के बीच सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते हुए आज देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के प्रमुख पद तक पहुंचना। यह उपलब्धि वर्तमान समय के उन युवाओं और अभिभावकों के लिए एक ऐसा उदाहरण