
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र का Dharashiv district इन दिनों बाढ़ और लगातार बारिश के कारण गंभीर संकट से जूझ रहा है। इस Dharashiv Flood Crisis में भारी वर्षा ने किसानों की लाखों हेक्टेयर फसलें बर्बाद कर दी हैं, पशुधन का नुकसान हुआ है और कई गाँव जलमग्न हो गए हैं। जहाँ एक ओर किसान सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो गया है जिसने प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Collector का Dance Video Viral amid Dharashiv Flood Crisis इस वायरल वीडियो में धाराशिव

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र का Dharashiv district इन दिनों बाढ़ और लगातार बारिश के कारण गंभीर संकट से जूझ रहा है। इस Dharashiv Flood Crisis में भारी वर्षा ने किसानों की लाखों हेक्टेयर फसलें बर्बाद कर दी हैं, पशुधन का नुकसान हुआ है और कई गाँव जलमग्न हो गए हैं। जहाँ एक ओर किसान सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो गया है जिसने प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Collector का Dance Video Viral amid Dharashiv Flood Crisis इस वायरल वीडियो में धाराशिव

बिहार की धरती पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताज़ा सबूत “Bihar Bribery Scandal” बनकर सामने आया है।रोहतास ज़िले के बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय में एक मामूली-सा चपरासी लाखों का खिलाड़ी बन बैठा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) की टीम ने चपरासी विनोद कुमार ठाकुर को ₹1.16 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि उसने जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर ₹1.60 लाख की मांग की थी। Bihar Bribery Scandal: चपरासी बना लाखों का खिलाड़ी आमतौर पर Peon यानी चपरासी की नौकरी को सबसे निचले स्तर का माना जाता है। लेकिन बिहार का हाल यह

बिहार की धरती पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताज़ा सबूत “Bihar Bribery Scandal” बनकर सामने आया है।रोहतास ज़िले के बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय में एक मामूली-सा चपरासी लाखों का खिलाड़ी बन बैठा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) की टीम ने चपरासी विनोद कुमार ठाकुर को ₹1.16 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि उसने जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर ₹1.60 लाख की मांग की थी। Bihar Bribery Scandal: चपरासी बना लाखों का खिलाड़ी आमतौर पर Peon यानी चपरासी की नौकरी को सबसे निचले स्तर का माना जाता है। लेकिन बिहार का हाल यह