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रशियन लड़कियों और गुप्त रोग की कहानी: एपस्टीन फाइल ने खोले बिल गेट्स के बड़े राज

रशियन लड़कियों और गुप्त रोग की कहानी: एपस्टीन फाइल ने खोले बिल गेट्स के बड़े राज
रशियन लड़कियों और गुप्त रोग की कहानी: एपस्टीन फाइल ने खोले बिल गेट्स के बड़े राज (Pic Credit- X @andweknow)

जेफ्री एपस्टीन मामले में DOJ द्वारा जारी नए दस्तावेजों में बिल गेट्स से जुड़े रशियन महिलाओं, गुप्त रोग और वैवाहिक विवाद से संबंधित आरोपों का जिक्र है। ये दावे ईमेल्स और ड्राफ्ट फाइलों पर आधारित हैं, जिनकी कानूनी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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Dipali Kumari
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Epstein File Bill Gates: अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) ने कुख्यात जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़े 30 लाख से अधिक गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए हैं। इन फाइलों के सामने आने के बाद दुनिया भर में हलचल मच गई है। इन दस्तावेजों में कई प्रभावशाली लोगों का जिक्र है, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल बिल गेट्स के नाम पर गया है।

इन दस्तावेजों में शामिल ईमेल्स और ड्राफ्ट नोट्स में बिल गेट्स के निजी जीवन से जुड़े ऐसे आरोपों का जिक्र है, जो अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे। हालांकि, यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि ये सभी बातें दस्तावेजों में किए गए दावे हैं, जिनकी कानूनी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

DOJ दस्तावेजों में सामने आए गंभीर आरोप

DOJ द्वारा जारी फाइलों में जेफ्री एपस्टीन के ईमेल्स, निजी नोट्स और ड्राफ्ट मैसेज शामिल हैं। इन्हीं दस्तावेजों में बिल गेट्स से जुड़े कथित संबंधों, स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन को लेकर कई चौंकाने वाले दावे दर्ज हैं। इन खुलासों ने एक बार फिर एपस्टीन नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रशियन लड़कियों से जुड़े संबंधों का दावा

दस्तावेजों में यह आरोप लगाया गया है कि बिल गेट्स के संपर्क रशियन मूल की कुछ महिलाओं से थे। एपस्टीन द्वारा लिखे गए ईमेल्स में इन महिलाओं का जिक्र ऐसे संदर्भ में किया गया है, जो निजी और संवेदनशील माना जा रहा है। इन ईमेल्स में दावा किया गया है कि इन महिलाओं को लेकर एपस्टीन के पास अहम जानकारियां थीं।

हालांकि, इन दावों को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक जांच एजेंसी की पुष्टि सामने नहीं आई है।

गुप्त रोग से जुड़ा कथित खुलासा

इन दस्तावेजों में एक और गंभीर आरोप यह है कि बिल गेट्स कथित तौर पर एक यौन संचारित रोग से संक्रमित हो गए थे। ईमेल्स के अनुसार, गेट्स इस बात को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए काफी चिंतित थे। दस्तावेजों में यह दावा किया गया है कि उन्होंने एपस्टीन से जुड़े कुछ ईमेल डिलीट करने की भी मांग की थी।

यह भी उल्लेख किया गया है कि एपस्टीन ने इन जानकारियों को अपने पास “सबूत” के तौर पर सुरक्षित रखने की बात लिखी थी।

मेलिंडा गेट्स और वैवाहिक विश्वास का मुद्दा

DOJ फाइलों में बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा गेट्स से जुड़े पहलुओं का भी जिक्र है। दस्तावेजों के अनुसार, कथित निजी संबंधों और छिपाई गई बातों ने वैवाहिक रिश्ते को प्रभावित किया। आरोपों में यह तक कहा गया है कि कुछ स्वास्थ्य संबंधी बातों को मेलिंडा से छिपाया गया।

मेलिंडा गेट्स पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि एपस्टीन से जुड़ी खबरों और संपर्कों ने उनकी शादी पर गहरा असर डाला था।

पूर्व सलाहकार का ड्राफ्ट ईमेल और कबूलनामा

इन फाइलों में बिल गेट्स के पूर्व सलाहकार बोरिस निकोलिक के नाम से जुड़े ड्राफ्ट ईमेल भी शामिल हैं। इन ईमेल्स में निकोलिक ने दावा किया है कि उन्हें ऐसे कामों में शामिल किया गया जो नैतिक और कानूनी रूप से सही नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे विदेशी महिलाओं से जुड़े इंतजाम, नशीली दवाओं की व्यवस्था और कुछ वित्तीय ढांचों में मदद ली गई।

हालांकि, ये बातें ड्राफ्ट ईमेल का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

एपस्टीन के साथ संबंधों पर सवाल

बिल गेट्स ने पहले कई बार कहा था कि उनका जेफ्री एपस्टीन के साथ सीमित संपर्क था। लेकिन दस्तावेजों और फ्लाइट रिकॉर्ड्स में दावा किया गया है कि गेट्स ने एपस्टीन के निजी विमान से यात्रा की थी और उसके आवास पर भी समय बिताया था। खुद गेट्स द्वारा लिखे गए कुछ ईमेल्स में एपस्टीन के जीवनशैली को “अलग और दिलचस्प” बताया गया है।

एपस्टीन की मौत और अधूरे सवाल

जेफ्री एपस्टीन की मौत साल 2019 में जेल में हुई थी। उसकी मौत के बाद भी उसके दस्तावेज, संपर्क सूची और ईमेल्स लगातार सामने आ रहे हैं। DOJ का कहना है कि इन फाइलों को सार्वजनिक करने का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना है, न कि किसी को दोषी ठहराना।

बिल गेट्स पक्ष की प्रतिक्रिया

बिल गेट्स के प्रवक्ताओं ने पहले भी ऐसे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कई बातें संदर्भ से बाहर निकालकर पेश की गई हैं। अब तक इन नए दस्तावेजों पर गेट्स की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।