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130 फीट ऊंचाई से गिरी, फिर भी जिंदा थी लड़की! नर्स ने सुनाई ब्राजील के दर्दनाक बंजी जंप हादसे की कहानी

130 फीट ऊंचाई से गिरी, फिर भी जिंदा थी लड़की! नर्स ने सुनाई ब्राजील के दर्दनाक बंजी जंप हादसे की कहानी
130 फीट ऊंचाई से गिरी, फिर भी जिंदा थी लड़की! नर्स ने सुनाई ब्राजील के दर्दनाक बंजी जंप हादसे की कहानी

ब्राजील में 130 फीट ऊंचे पुल से बंजी जंपिंग के दौरान हुई दर्दनाक दुर्घटना ने सभी को झकझोर दिया है। हादसे के बाद एक नर्स ने दावा किया कि सुरक्षा रस्सी के बिना नीचे गिरने वाली 21 वर्षीय युवती कुछ समय तक जिंदा थी और उसने उससे बात भी की थी।

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Dipali Kumari
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Brazil Bungee Jump Accident: ब्राजील में बंजी जंपिंग के दौरान हुई एक दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 21 वर्षीय मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रीटास की 130 फीट ऊंचे पुल से गिरने के बाद मौत हो गई, लेकिन अब इस मामले में सामने आई एक नर्स की गवाही ने लोगों को भावुक कर दिया है। नर्स का दावा है कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद युवती कुछ समय तक जिंदा थी और उसने उससे बात भी की थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा ब्राजील के साओ पाउलो के पास स्थित एक परित्यक्त पुल पर हुआ, जिसे स्थानीय लोग “स्केलेटन ब्रिज” के नाम से जानते हैं। बताया जा रहा है कि यहां अवैध रूप से बंजी जंपिंग कराई जा रही थी। हादसे के दौरान मारिया को पुल से नीचे कूदाया गया, लेकिन उसके शरीर से सुरक्षा रस्सी जुड़ी ही नहीं थी। जैसे ही वह नीचे गिरी, वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

दौड़ती-भागती लड़की के पास पहुंची नर्स

घटना के समय मौके पर मौजूद रायजा डायस नाम की एक ऑफ-ड्यूटी नर्स तुरंत मदद के लिए दौड़ी। उन्होंने बताया कि दुर्घटनास्थल तक पहुंचना बेहद कठिन था। वहां तक जाने के लिए कीचड़ भरे रास्ते और खड़ी ढलान से होकर गुजरना पड़ा। जल्द से जल्द युवती तक पहुंचने की कोशिश में उनके हाथ तक छिल गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

नर्स के अनुसार, जब वह मारिया के पास पहुंचीं तो वह अभी जीवित थी। रायजा ने बताया कि उन्होंने युवती से बात की और उसे हिम्मत देने की कोशिश की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनकी आदत है यह कहना कि “मेरी ड्यूटी में कोई नहीं मरता।” उन्होंने मारिया से भी यही बात कही थी। नर्स का कहना है कि युवती ने उनकी आवाज सुनी थी और उनसे बातचीत भी की थी, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी सांसें थम गईं।

बंजी जंपिंग संचालन से जुड़े तीन लोग गिरफ्तार

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बंजी जंपिंग करवाने वाले कर्मचारियों ने कथित तौर पर सुरक्षा रस्सी बांधना ही भूल गए थे। इस गंभीर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद वहां मौजूद कुछ कर्मचारी मौके से फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और मामले में कार्रवाई की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, बंजी जंपिंग संचालन से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।