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नागपुर में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, कुख्यात वाहन चोर गिरफ्तार, 27 मोटरसाइकिलें बरामद

नागपुर में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश
नागपुर में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश

नागपुर पुलिस ने कुख्यात वाहन चोर राहुल खाकरे को गिरफ्तार कर 27 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त कीं। आरोपी के खिलाफ 63 आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस की सतर्क कार्रवाई से शहर में अपराध नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा में बड़ी सफलता मिली।

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Nagpur Vehicle Theft Case: नागपुर शहर में अपराध नियंत्रण की दिशा में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। अपराध शाखा यूनिट क्रमांक-1 ने कुख्यात वाहन चोर राहुल सुखचंद खाकरे उर्फ ठाकरे (उम्र 43 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से कुल 27 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 16 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई शहर में वाहन चोरी के मामलों के नियंत्रण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

अपराध शाखा की सतर्क कार्रवाई

पुलिस की टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार तीन दिनों तक मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में गोपनीय सूचना के आधार पर कड़ी निगरानी की। इस दौरान टीम ने आरोपी के हर कदम पर नजर रखी और अंततः उसे नागपुर के कळमना थाना क्षेत्र के मिनी माता नगर में धर दबोचा।

आरोपी की पृष्ठभूमि

राहुल सुखचंद खाकरे मूल रूप से सातनेर, तहसील आठनेर, जिला बैतूल (मध्यप्रदेश) का निवासी है। आरोपी पहले से ही कई अपराधों में संलिप्त था और उसे विभिन्न थानों में दर्ज आपराधिक मामलों का सामना करना पड़ चुका था। उसकी गिरफ्तारी से पहले नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीण, अमरावती ग्रामीण सहित अन्य जिलों में उसके खिलाफ कुल 63 मामले दर्ज थे।

अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 27 मोटरसाइकिलें जब्त कीं। इनमें से 4 वाहनों के असली मालिकों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन वाहनों के मालिकों तक इन्हें पहुँचाया जाएगा।

अपराधों का खुलासा

आरोपी के साथ गहन पूछताछ की गई, जिससे 23 वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हुआ। इस खुलासे के बाद पुलिस का मानना है कि वाहन चोरी के गिरोह की जड़ में पैठ बनाई जा सकेगी। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी द्वारा किए गए अपराधों में विभिन्न जिलों और थानों में बड़ी संख्या में वाहन चोरी के मामले शामिल हैं।

पुलिस की रणनीति

इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक विनायक गोल्हे और उनकी टीम की रणनीति को सफल माना जा रहा है। टीम ने आरोपी की हर गतिविधि को ट्रैक किया और न केवल वाहन बरामद किए बल्कि अपराधियों के नेटवर्क पर भी पैनी नजर रखी। इस तरह की सतर्कता और लगातार निगरानी ने अपराधियों को पकड़ने में मदद की।

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Dipali Kumari

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