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Silver Price Today: फिर आई चांदी की कीमत में तेजी, कीमत 3 लाख के बेहद करीब

Silver Price Today: फिर आई चांदी की कीमत में तेजी, कीमत 3 लाख के बेहद करीब
Silver Price Today: फिर आई चांदी की कीमत में तेजी, कीमत 3 लाख के बेहद करीब

भारत में चांदी केवल एक धातु नहीं, बल्कि परंपरा, आस्था और आम आदमी के भरोसे का प्रतीक है। मौजूदा कीमतों के साथ चांदी आभूषण, खानपान और निवेश तीनों क्षेत्रों में अपनी मजबूत भूमिका निभा रही है।

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Silver Price Today: भारत में जब भी कीमती धातुओं की बात होती है, तो सबसे पहले सोने का नाम लिया जाता है। लेकिन सच यह है कि आम भारतीय के जीवन में चांदी की मौजूदगी कहीं अधिक गहरी और व्यावहारिक है। आज भारत में चांदी की कीमत ₹299.90 प्रति ग्राम और ₹2,99,900 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है।

चांदी केवल एक धातु नहीं, बल्कि भारतीय जीवनशैली का हिस्सा है। गांव से लेकर शहर तक, हर वर्ग के लोग किसी न किसी रूप में चांदी का इस्तेमाल करते हैं। इसकी चमक जितनी आकर्षक है, उतनी ही इसकी उपयोगिता भी व्यापक है।

भारतीय समाज में चांदी का महत्व

भारत में चांदी को शुद्धता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर पारिवारिक संस्कारों तक, चांदी की उपस्थिति आम है। नवजात शिशु के लिए चांदी की कटोरी या चम्मच देने की परंपरा आज भी कई घरों में निभाई जाती है। इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है और साथ ही यह भविष्य की सुरक्षा का संकेत भी समझा जाता है।

सोने के मुकाबले चांदी क्यों है खास

सोने की तुलना में चांदी काफी सस्ती होती है, यही वजह है कि यह आम लोगों की पहुंच में रहती है। बाजार में यह माना जाता है कि लगभग 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 15 ग्राम सोने के बराबर होती है। यह अंतर ही चांदी को मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए निवेश का बेहतर विकल्प बनाता है।

आभूषणों में चांदी की लोकप्रियता

भारत में चांदी का सबसे अधिक उपयोग पायल, बिछिया, अंगूठी और कड़े के रूप में होता है। खासकर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में महिलाएं आज भी सोने से ज्यादा चांदी के आभूषण पहनना पसंद करती हैं। इसका एक कारण कीमत है, तो दूसरा कारण यह है कि चांदी रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए ज्यादा व्यावहारिक मानी जाती है।

खानपान में चांदी का इस्तेमाल

भारतीय मिठाइयों पर लगी चांदी की वर्क सिर्फ सजावट नहीं होती, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक सोच को भी दर्शाती है। शादी-ब्याह, त्योहार या किसी खास अवसर पर चांदी की वर्क लगी मिठाइयां परोसना सम्मान और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। लोग बड़े चाव से इन्हें खाते हैं और इसे शुभ मानते हैं।

निवेश के रूप में चांदी का बदलता नजरिया

बीते कुछ वर्षों में चांदी को निवेश के रूप में देखने का नजरिया बदला है। पहले लोग इसे सिर्फ गहनों तक सीमित रखते थे, लेकिन अब सिक्के, बिस्किट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी चांदी में निवेश किया जा रहा है। महंगाई और बाजार की अनिश्चितता के बीच चांदी एक सुरक्षित विकल्प के रूप में उभर रही है।

आम आदमी और चांदी का रिश्ता

चांदी का सबसे बड़ा गुण यही है कि यह आम आदमी से जुड़ी हुई धातु है। खेतिहर मजदूर से लेकर छोटे व्यापारी तक, हर कोई थोड़ी-बहुत चांदी जमा करने की कोशिश करता है। यह एक ऐसा निवेश है, जिसे जरूरत पड़ने पर आसानी से भुनाया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: राष्ट्र भारत पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को राष्ट्र भारत की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।