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Vikas Thakre: नौ वर्षों बाद भी जिला सामान्य अस्पताल का काम अधूरा, ओटी अब तक शुरू नहीं | Photos

Nagpur Hospital Incomplete After 9 Years - Vikas Thakre Raises Issue in Assembly: नौ वर्षों बाद भी अस्पताल का काम अधूरा, ओटी शुरू नहीं - विकास ठाकरे
Nagpur Hospital Incomplete After 9 Years - Vikas Thakre Raises Issue in Assembly: नौ वर्षों बाद भी अस्पताल का काम अधूरा, ओटी शुरू नहीं - विकास ठाकरे (Image Source: RB / Jassi)

Nagpur Mankapur District Hospital Incomplete After 9 Years – Vikas Thakre Raises Issue in Maharashtra Assembly: नागपुर के विधायक विकास ठाकरे ने विधानसभा में मानकापुर स्थित जिला सामान्य अस्पताल की गंभीर कमियों का मुद्दा उठाया। नौ वर्ष पहले मंजूरी के बाद भी ऑपरेशन थिएटर शुरू नहीं हुआ। डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी है। उन्होंने अतिरिक्त निधि, शिवभोजन योजना में अनियमितता रोकने और पुलिस कार्यप्रणाली सुधारने की मांग की।

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नौ वर्षों बाद भी जिला सामान्य अस्पताल का काम अधूरा; ओटी अब तक शुरू नहीं — विकास ठाकरे

Nagpur Mankapur District Hospital Incomplete After 9 Years – Vikas Thakre Raises Issue in Maharashtra Assembly: पश्चिम नागपुर के विधायक तथा नागपुर शहर (जिला) कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विकास ठाकरे ने विधानसभा में मानकापुर स्थित जिला सामान्य अस्पताल की गंभीर कमियों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल का काम एक वर्ष पहले शुरू हुआ, लेकिन ऑपरेशन थिएटर (ओटी) सहित कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाएं अब तक चालू नहीं हो सकी हैं। नौ साल पहले मंजूरी मिलने के बावजूद परियोजना अधूरी है, जिससे नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने लंबित कार्यों को पूरा करने हेतु अतिरिक्त निधि की मांग की। अस्पताल में सफाई व्यवस्था अस्थायी अनुबंध पर है तथा डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी है।

Nagpur Hospital Incomplete After 9 Years - Vikas Thakre Raises Issue in Assembly: नौ वर्षों बाद भी अस्पताल का काम अधूरा, ओटी शुरू नहीं - विकास ठाकरे
Nagpur Hospital Incomplete After 9 Years – Vikas Thakre Raises Issue in Assembly: नौ वर्षों बाद भी अस्पताल का काम अधूरा, ओटी शुरू नहीं – विकास ठाकरे (Image Source: RB / Jassi)

डॉक्टर नहीं, सफाई नहीं, मरीजों को राहत नहीं

ठाकरे ने शिवभोजन योजना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि बंद केंद्रों को भी अनुदान दिया जा रहा है, जबकि ईमानदारी से सेवा देने वालों के बिल लंबित हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।उन्होंने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। मेयो अस्पताल से एक आरोपी के फरार होने तथा महिला पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार की घटना का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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Asfi Shadab

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