नागपुर। नागपुर जिले के काटोल तहसील के राउलगांव स्थित SBL एनर्जी लिमिटेड में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें 17 मजदूरों की मृत्यु हो गई और 18 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे से मजदूरों में भय का वातावरण व्याप्त है।
“छह महीने पहले ही दी थी चेतावनी” — अनिल देशमुख
Anil Deshmukh on SBL Energy Blast Explosion Nagpur: वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने इस हादसे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विस्फोटक कंपनियों के सेफ्टी ऑडिट की अनदेखी के कारण ऐसी घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले ही उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री तथा पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) को पत्र लिखकर नागपुर के बाजारगांव परिसर की सभी विस्फोटक निर्माण कंपनियों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की थी। परंतु इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।

देशमुख ने स्पष्ट कहा कि “समय पर सुरक्षा ऑडिट किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।”
कानून का हो रहा उल्लंघन
देशमुख ने यह भी कहा कि विस्फोटक अधिनियम 1884 और कारखाना अधिनियम 1948 के तहत सुरक्षा उपाय अनिवार्य हैं, किंतु नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है और संबंधित एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही हैं।

Anil Deshmukh on SBL Energy Blast Explosion Nagpur:
मुआवजे और ऑडिट की मांग
देशमुख ने मांग की कि —
- मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से ₹25 लाख और कंपनी की ओर से ₹50 लाख मुआवजा दिया जाए।
- बाजारगांव परिसर की सभी विस्फोटक कंपनियों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही और औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।