महाराष्ट्र में शुरू हुई “मध का गांव” योजना
Madh Ka Gaon scheme Maharashtra beekeeping villages: महाराष्ट्र राज्य खादी व ग्रामोद्योग मंडल ने आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए “मध का गांव” योजना शुरू की है। वर्ष 2025–26 के पहले चरण में राज्य के दस गांवों का चयन किया गया है, जिनमें विदर्भ के सिंधीविहिर (जिला वर्धा) और आमझरी (जिला अमरावती) भी शामिल हैं।
नागपुर में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में मंडल के अध्यक्ष रवींद्र साठे ने बताया कि इन दस गांवों के विकास के लिए ₹5 करोड़ 1 लाख की निधि स्वीकृत की गई है। योजना के तहत 348 मधुमक्खी पालकों का चयन कर उन्हें दस दिनों का प्रशिक्षण दिया गया है।
सात गांवों में आधुनिक मधुमक्खी पालन किया जाएगा, जबकि तीन गांवों में “बी हंटर्स” के माध्यम से शहद और मोम का संग्रह होगा।
लाभार्थियों को 1,650 मधुमक्खी बॉक्स, 128 सुरक्षात्मक पोशाक और 25 किट सहित अन्य उपकरण 90 प्रतिशत सरकारी अनुदान और 10 प्रतिशत लाभार्थी योगदान के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा मधुबन की स्थापना, सामूहिक सुविधा केंद्र, शहद प्रसंस्करण व पैकेजिंग यूनिट, हनी जानकारी केंद्र तथा हनी थीम आधारित पर्यटन गतिविधियाँ भी विकसित की जाएंगी।
साठे ने बताया कि नरहर गांव को योजना के अगले चरण में शामिल किया जाएगा, जिससे ग्रामीण युवाओं को अतिरिक्त आय और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र