नागपुर: अमरावती जिले में नाबालिग लड़कियों और युवतियों के शोषण का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में गंभीर चिंता का माहौल है। सामने आई जानकारी के अनुसार, कई नाबालिग और युवतियों को जाल में फंसाकर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया। इतना ही नहीं, उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
Amravati minor girls exploitation case: स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर यह मामला महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग के माध्यम से युवतियों को धोखा देना और उनका शोषण करना एक खतरनाक प्रवृत्ति के रूप में सामने आया है, जिस पर तत्काल नियंत्रण की आवश्यकता बताई जा रही है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कड़ी निंदा की है और सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। परिषद के विदर्भ प्रदेश मंत्री देवाशीष गोतरकर ने कहा, “इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर दोषियों को शीघ्र सजा दी जाए।”
Amravati minor girls exploitation case:
उन्होंने आगे यह भी कहा कि पीड़िताओं को समुचित कानूनी सहायता, परामर्श और सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए ताकि वे बिना भय के न्याय प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
विद्यार्थी परिषद ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने और साइबर अपराधों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करने की भी मांग की है।
फिलहाल, इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
REPORTER BYLINE:
रिपोर्ट: Jassi, Nagpur