भवानीपुर में प्रचार तेज, फिरहाद हाकिम ने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
Firhad Hakim Bhabanipur election campaign: कोलकाता | भवानीपुर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के चेतला इलाके में घर-घर जाकर मुख्यमंत्री ममता बंदोपाध्याय के समर्थन में प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग और बीजेपी पर कड़े शब्दों में हमला बोला।

चुनाव आयोग पर आरोप
भवानीपुर में रिटर्निंग ऑफिसर समेत 73 अधिकारियों के एक साथ तबादले पर हाकिम ने कहा – “इलेक्शन कमीशन तुगलकी है। सोच रहे हैं चीफ सेक्रेटरी समेत सबको बदलकर बीजेपी को जिताएंगे। अभी ताकत है तो रिटर्निंग ऑफिसर बदल रहे हैं। लोगों को लाइन में खड़ा किया, करीब 200 लोगों को मार डाला। लोग लाइन में खड़े-खड़े मर गए। अत्याचार हो रहा है और अदालत चुप है।”

रिटर्निंग ऑफिसर बदलाव और मतदाता सूची को लेकर बढ़ा विवाद
सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट पर सवाल
सप्लीमेंट्री मतदाता सूची को लेकर हाकिम ने कहा – “जो लिस्ट निकली है उसमें कुछ नहीं – भ्रामक सूची है। किसका नाम है, किसका नहीं – कुछ स्पष्ट नहीं। ‘पांच बजे तक कोई निर्णय नहीं लिया गया’ – इसका मतलब क्या है? यह भारत विरोधी है, भारत के संविधान के खिलाफ है।”

चुनाव इसी सूची के आधार पर होगा – यह बताए जाने पर उन्होंने कहा – “चुनाव हो तो होगा। लोग हमें ही वोट देंगे। जिसने लोगों को इतना परेशान किया, क्या लोग सब भूल जाएंगे?”
ममता उत्तर बंगाल में, भवानीपुर की जिम्मेदारी हाकिम पर
ममता बंदोपाध्याय के उत्तर बंगाल प्रचार पर जाने के सवाल पर हाकिम ने कहा – “ममता बंदोपाध्याय पूरे बंगाल की प्रत्याशी हैं। उन्होंने अपने घर की जिम्मेदारी हमें दी है। हम लोगों से बस यही कह रहे हैं – तृणमूल कांग्रेस को ही वोट दें।”

रायदिघी हत्याकांड और जनता का मूड
रायदिघी में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या के आरोप पर हाकिम ने कहा – “यहां से मेरा बोलना ठीक नहीं, मुझे कुछ पता नहीं। लेकिन न्याय व्यवस्था है – जो भी दोषी हो, वह गिरफ्तार होगा।”
चेतला में डोर-टू-डोर प्रचार के अनुभव के बारे में हाकिम ने बताया – “लोग बहुत पॉजिटिव हैं। कोई कह रहा है ‘फिर आए!’, कोई कह रहा है ‘हमें बताना पड़ेगा?’ – 25 साल से मैं काउंसिलर हूं, साल भर लोगों के साथ रहता हूं। हमें भरोसा है, ममता बंदोपाध्याय को भवानीपुर से भारी अंतर से जिताएंगे।”
भवानीपुर सीट पर मतदान की तारीख नजदीक आते ही तृणमूल का प्रचार अभियान तेज हो गया है।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल