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VIDEO: राघव चड्ढा का छलका दर्द, बोले- “मेरी खामोशी को हार मत समझना”, AAP पर उठाए गंभीर सवाल

राघव चड्ढा का छलका दर्द, बोले- “मेरी खामोशी को हार मत समझना”, AAP पर उठाए गंभीर सवाल
राघव चड्ढा का छलका दर्द, बोले- “मेरी खामोशी को हार मत समझना” (Pic Credit- X @raghav_chadha)

राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। उन्होंने पार्टी पर ही बोलने से रोकने का आरोप लगाया और शायराना अंदाज में जवाब दिया। विपक्ष ने इसे तानाशाही बताया, जिससे मामला और गरमा गया है।

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Raghav Chadda: राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आप सांसद राघव चड्ढा ने खुलकर अपनी बात रखी है। एक वीडियो जारी कर उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनके शब्दों में दर्द भी था और एक चुनौती भी। उन्होंने कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।” यह सिर्फ एक शेर नहीं, बल्कि उनकी मौजूदा स्थिति का साफ इशारा था।

जनता के मुद्दों को उठाते आये हैं राघव चड्ढा

राघव चड्ढा ने साफ कहा कि जब-जब उन्हें संसद में बोलने का मौका मिला, उन्होंने आम जनता के मुद्दों को उठाया। चाहे एयरपोर्ट पर महंगे खाने की बात हो, जोमैटो डिलीवरी बॉय की समस्याएं हों या टोल टैक्स और बैंक चार्ज जैसे रोजमर्रा के मुद्दे। गौरतलब है कि उन्होंने उन बातों को हमेशा संसद में जगह दी, जो आमतौर पर अनदेखी रह जाती हैं। ऐसे में अब राघव चड्डा ने बड़ा सवाल उठाया है कि क्या जनता के मुद्दों को उठाना अपराध है?

जनता के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे- राघव चड्ढा

राघव चड्ढा ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि उन्हें बोलने का मौका न दिया जाए। यह बात सामने आते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चड्ढा ने भावुक अंदाज में कहा कि वह जनता से जुड़े हैं और उनके लिए ही लड़ते रहेंगे, चाहे रास्ता कितना भी मुश्किल क्यों न हो।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर विपक्षी दल भी चुप नहीं रहे। बीजेपी नेता रामवीर सिंह बिधूरी ने कहा कि राघव चड्डा हमेशा ही एकअच्छे वक्ता रहे हैं। अगर आम आदमी पार्टी (AAP) उन्हें बोलने से रोकना चाहती है तो यह पूरी तरह से तानाशाही है। साथ ही उन्होंने सवाल भी उठाया कि क्या पार्टी के भीतर लोकतंत्र बचा है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने भी इस कदम को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।