Bihar Cabinet: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हर किसी के मन में एक ही सवाल है क्या बिहार में जल्द कैबिनेट विस्तार होने वाला है? मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे की खबर ने इस सियासी चर्चा को और हवा दे दी है। बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी आज शाम दिल्ली रवाना हो सकते हैं, जहां उनकी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। ऐसे में बिहार की नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी
दरअसल, 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से सम्राट चौधरी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। नई सरकार बनने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिलेगी और सत्ता संतुलन किस फार्मूले पर तय होगा। इस बीच आज शनिवार को सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार से भी मुलाकात की।
यह मुलाकात 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर हुई, जहां नीतीश कुमार हाल ही में शिफ्ट हुए हैं। दोनों नेताओं की इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस बैठक को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया, लेकिन माना जा रहा है कि बिहार के राजनीतिक समीकरण और संभावित कैबिनेट विस्तार जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई हो सकती है।
बिहार में 35 मंत्रियों की जगह
सूत्रों की मानें तो बिहार में मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्रियों की व्यवस्था हो सकती है। हालांकि सभी पद एक साथ भरे जाने की संभावना कम मानी जा रही है। पहले की तरह कुछ पद भविष्य की रणनीति और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए खाली रखे जा सकते हैं। यही वजह है कि हर दल और गुट अपनी हिस्सेदारी को लेकर सक्रिय हो चुका है।
जेडीयू के 15 मंत्रियों को मिल सकती है जगह
राजनीतिक चर्चा यह भी है कि पुराने गठबंधन फार्मूले के तहत जनता दल यूनाइटेड को संख्या और बड़े विभागों में प्राथमिकता मिल सकती है, जबकि बीजेपी भी अपनी मजबूत हिस्सेदारी सुनिश्चित करना चाहेगी। चर्चा है कि बीजेपी के करीब 14 और जेडीयू के 15 मंत्रियों को जगह मिल सकती है।