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Wardha News: पुलगांव फायरिंग अभ्यास के दौरान डीएससी के सूबेदार मेजर की मौत, मामले की जांच शुरू

Pulgaon Firing Practice dsc subedar major Death: पुलगांव फायरिंग अभ्यास के दौरान डीएससी के सूबेदार मेजर की मौत, मामले की जांच शुरू
Pulgaon Firing Practice dsc subedar major Death: पुलगांव फायरिंग अभ्यास के दौरान डीएससी के सूबेदार मेजर की मौत, मामले की जांच शुरू (Image: AI)

Pulgaon Firing Practice dsc subedar major Death: महाराष्ट्र के पुलगांव स्थित सेंट्रल एम्युनिशन डिपो में 15 मई 2026 को नियमित फायरिंग अभ्यास के दौरान डीएससी के सूबेदार मेजर ओम बहादुर खंड की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। यूनिट ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है।

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पुलगांव फायरिंग अभ्यास के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

Pulgaon Firing Practice dsc subedar major Death: वर्धा (पुलगांव), 15 मई 2026। सेंट्रल एम्युनिशन डिपो, पुलगांव में शुक्रवार को नियमित फायरिंग अभ्यास के दौरान एक दुखद हादसे में रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) के जूनियर कमीशंड अधिकारी सूबेदार मेजर ओम बहादुर खंड की गोली लगने से मृत्यु हो गई।

उत्तर महाराष्ट्र एवं गुजरात सब एरिया से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना फायरिंग रेंज पर नियमित प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान हुई। हादसे की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी।

नागपुर स्थित रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ग्रुप कैप्टन आर. कन्नन ने पुष्टि की कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

डीएससी के सूबेदार मेजर ओम बहादुर खंड की गोली लगने से मौत

सेंट्रल एम्युनिशन डिपो, पुलगांव की यूनिट ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। यूनिट के अधिकारियों एवं जवानों ने दिवंगत सूबेदार मेजर ओम बहादुर खंड को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद सेना की ओर से आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

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