नागपुर, 28 मई: मौसम विभाग ने इस वर्ष अल-नीनो के कारण कम वर्षा की संभावना जताई है। साथ ही युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण रासायनिक खाद एवं कृषि निविष्ठाओं की उपलब्धता चुनौतीपूर्ण बन गई है। इस पृष्ठभूमि में जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने कुही तहसील के किसानों से सीधा संवाद किया।

जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर ध्यान दें और बांधबंदी तथा सरी-वरंबा पद्धति अपनाकर खेत की मेढ़ों पर गिरने वाली हर बूंद को खेत में ही रोकें।
उन्होंने किन्ही स्थित आत्मा योजना के माध्यम से विकसित दीपस्तंभ फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी का दौरा कर किसानों से चर्चा की। इस केंद्र से 25 किसान समूह जुड़े हुए हैं और लगभग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक व जैविक खेती की जा रही है। यहाँ गांडूळ खाद, ट्रायकोडर्मा, दशपर्णी और जीवामृत जैसे जैविक उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

बारवा गांव में जिलाधिकारी ने सरी-वरंबा पद्धति के लिए उपयोग होने वाली बेडमेकर मशीन का निरीक्षण किया, जो प्रतिदिन लगभग 3.5 एकड़ भूमि पर बेड तैयार करती है। उन्होंने किसानों के साथ तकनीकी सुधारों पर भी सुझाव साझा किए।
इस दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने गांव के पाणंद मार्ग एवं जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की।
जल संकट की आशंका के बीच DM की यह जमीनी पहल किसानों में जागरूकता और तैयारी का संदेश लेकर आई है।