जरूर पढ़ें

Yavatmal News: उमरखेड में रेलवे परियोजना से प्रभावित किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर एसडीओ कार्यालय पर ठिया आंदोलन किया

Umarkhed railway project affected farmers SDO office compensation protest: उमरखेड में रेलवे परियोजना से प्रभावित किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर एसडीओ कार्यालय पर ठिया आंदोलन किया
Umarkhed railway project affected farmers SDO office compensation protest: उमरखेड में रेलवे परियोजना से प्रभावित किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर एसडीओ कार्यालय पर ठिया आंदोलन किया (Image: AI)

Umarkhed railway project affected farmers SDO office compensation protest: उमरखेड में रेलवे परियोजना से प्रभावित किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर एसडीओ कार्यालय पर करीब दो घंटे तक ठिया आंदोलन किया। किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद भी उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन को निवेदन सौंपकर लंबित मामलों का जल्द समाधान करने और शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

Updated:

किसानों ने मुआवजे के लिए एसडीओ कार्यालय पर किया प्रदर्शन

Umarkhed railway project affected farmers SDO office compensation protest: यवतमाल जिले के उमरखेड में रेलवे परियोजना से प्रभावित किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर एसडीओ कार्यालय पर दो घंटे का ठिया आंदोलन किया।

किसानों का आरोप है कि रेलवे परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित की गई, लेकिन उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान एसडीओ कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

रेलवे परियोजना से प्रभावित परिवारों ने जल्द समाधान की मांग उठाई

आंदोलन लगभग दो घंटे तक चला। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मुआवजे का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

मौके पर मौजूद हमारे संवाददाता जस्सी ने बताया कि किसान काफी आक्रोशित थे और उनका कहना था कि वर्षों से उनकी समस्या अनसुनी पड़ी है।

प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर बनी रहेगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है।

वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं।

भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज।
• राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।
• खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग।
• ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना।
• जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।