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Howrah News: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव

Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव
Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)

Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: हावड़ा जिले के श्यामपुर में 100 दिन के काम की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप को लेकर तृणमूल नेता सन्न्यासी मान्ना के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा सामने आया। लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें घेर लिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति को नियंत्रित किया और नेता को सुरक्षित बाहर निकालकर आगे की कार्रवाई शुरू की।

Updated:

100 दिन के काम की राशि को लेकर लोगों में बढ़ा आक्रोश

Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: हावड़ा: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के शyampur इलाके में उस वक्त भारी बवाल मच गया जब 100 दिन के रोजगार योजना (मनरेगा) में भ्रष्टाचार और आम लोगों की मेहनत की रकम हड़पने के आरोप में स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता सन्न्यासी मान्ना के खिलाफ गुस्साए ग्रामीणों ने अपना गुस्सा निकाला।

क्या हुआ? उत्तेजित ग्रामीणों ने सन्न्यासी मान्ना को पहले घेरकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। देखते ही देखते भीड़ का आक्रोश इस हद तक पहुंच गया कि लोगों ने उनका सिर मुंडवा दिया, गले में जूतों की माला पहनाई और कमर में रस्सी बांधकर पूरे इलाके में घुमाया। जनता की मांग थी कि गरीबों का हक मारने वालों को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए।

Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव
Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)
Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव
Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)
Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव
Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)

पुलिस पहुंचने के बाद स्थिति हुई नियंत्रित

पुलिस ने छुड़ाया भारी तनाव की सूचना मिलते ही श्यामपुर थाने की पुलिस की बड़ी टुकड़ी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को समझा-बुझाकर स्थिति नियंत्रण में ली और कमर में रस्सी बंधी अवस्था में तृणमूल नेता सन्न्यासी मान्ना को जनता के गुस्से से बचाकर थाने ले गई।

पृष्ठभूमि स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सन्न्यासी मान्ना पर इलाके में 100 दिन की रोजगार योजना में बड़े पैमाने पर घोटाला करने और आम लोगों की रकम हड़पने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं। इसी दबे हुए आक्रोश का विस्फोट इस घटना में हुआ।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।

Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव
Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)
Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव
Howrah Shyampur Trinamool leader 100 days work scheme corruption protest: 100 दिन के काम के पैसे में गड़बड़ी के आरोप पर ग्रामीणों का गुस्सा, इलाके में बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

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