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तान्या मित्तल पर महंगे लहंगे और साड़ियाँ नहीं लौटाने का आरोप, स्टाइलिस्ट ने खोले कई राज

तान्या मित्तल पर महंगे लहंगे और साड़ियाँ नहीं लौटाने का आरोप, स्टाइलिस्ट ने खोले कई राज
तान्या मित्तल (File Photo)

बिग बॉस 19 फेम तान्या मित्तल शो के बाद विवादों में घिर गई हैं। स्टाइलिस्ट रिद्धिमा शर्मा ने उन पर कपड़े न लौटाने, पेमेंट रोकने और अपमानजनक व्यवहार के आरोप लगाए। सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल है और तान्या की अमीरी के दावों पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।

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Dipali Kumari
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Tanya Mittal: बिग बॉस 19 में लगातार खुद को रईस बताने वाली तान्या मित्तल शो के दौरान भी अपनी लाइफस्टाइल और महंगे फैशन को लेकर चर्चा में रहती थीं। घर के कई सदस्यों और दर्शकों को उनके अमीर होने के दावों पर संदेह था। पर शो खत्म होने के बाद जिस तरह विवादों की परतें खुलती जा रही हैं, उसने इस पूरी छवि को और भी धुंधला कर दिया है। बिग बॉस के बाद तान्या मित्तल पर धोखाधड़ी और गैर–पेशेवर व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

स्टाइलिस्ट ने लगाया बड़ा आरोप

स्टाइलिस्ट रिद्धिमा शर्मा ने खुलकर कहा कि तान्या ने न सिर्फ उनके द्वारा भेजे गए कपड़े वापस नहीं किए, बल्कि पेमेंट भी समय पर नहीं दिया। रिद्धिमा के अनुसार, तान्या ने कई इंटरव्यू, फोटोशूट और पब्लिक अपीयरेंस के लिए उनसे महंगे साड़ी–लहंगे मंगवाए, लेकिन उन्हें सही भुगतान क्रम में न पैसा मिला, न सम्मान।
रिद्धिमा की नाराजगी सिर्फ पैसे को लेकर नहीं, बल्कि व्यवहार को लेकर अधिक दिखाई दी। उनका कहना था कि तान्या ने उन्हीं कपड़ों की तारीफ तक नहीं की जो उन्होंने मेहनत से अरेंज किए थे। यह आरोप एक बड़े मुद्दे में बदल गया क्योंकि तान्या हमेशा से खुद को समृद्ध और हाई–प्रोफाइल दिखाती रही हैं। ऐसे में जब कोई स्टाइलिस्ट सार्वजनिक रूप से बोलता है, तो लोगों के मन में स्वाभाविक रूप से सवाल उठना लाजिमी है।

50 से 60 हजार तक के थे आउटफिट

रिद्धिमा ने बताया कि उन्होंने लगातार एक हफ्ते तक तान्या के लिए महंगे आउटफिट भेजे। उनके अनुसार कई आउटफिट 50 से 60 हजार तक के थे। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि इन कपड़ों को आज तक वापस नहीं किया गया है। स्टाइलिस्ट के अनुसार, तान्या ने पहले तो कपड़े पसंद किए, फोटोशूट के लिए इस्तेमाल किए, लेकिन बाद में व्यवहार बदल लिया।

सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल

सोशल मीडिया पर जैसे ही रिद्धिमा की पोस्ट वायरल हुई, तान्या की कथित अमीरी पर फिर से चर्चा तेज हो गई। दर्शक बार–बार यही सवाल पूछ रहे हैं कि यदि तान्या इतनी अमीर हैं जितना वह कहती हैं, तो फिर स्टाइलिस्ट का पेमेंट क्यों रोका गया?

धमकाने का आरोप

इस पूरे विवाद की सबसे चिंताजनक बात यह है कि रिद्धिमा ने तान्या पर धमकाने का आरोप भी लगाया। रिद्धिमा के अनुसार, तान्या ने उन्हें 10 मिनट का अल्टीमेटम दिया और कहा कि यदि उन्हें समय पर आउटफिट नहीं मिला तो वह पेमेंट नहीं देंगी।

रिद्धिमा ने यह भी कहा कि उन्होंने तान्या के भाई को ग्रैंड फिनाले आउटफिट तक स्टाइल किया, लेकिन उसका भी भुगतान नहीं मिला।

 

Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।