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शादी के 5 महीने बाद मौत, ट्विशा शर्मा केस में अब तक क्या-क्या हुआ? जानिए पूरा मामला

शादी के 5 महीने बाद मौत, ट्विशा शर्मा केस में अब तक क्या-क्या हुआ? जानिए पूरा मामला
Twisha Death Case: सास गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI, खंगाला क्राइम सीन

सिर्फ 5 महीने पहले धूमधाम से शादी हुई थी, लेकिन अब ट्विशा की लाश मोर्चरी में है। आखिरी फोन कॉल, रहस्यमयी CCTV फुटेज, जज सास, फरार पति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस मामले को और उलझा दिया है। आखिर उस रात क्या हुआ था? जानिए ट्विशा केस की पूरी कहानी और अब तक के सबसे बड़े सवाल।

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Dipali Kumari
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Twisha Sharma: नोएडा की रहने वाली 31 साल की ट्विशा शर्मा की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शादी को अभी सिर्फ पांच महीने ही हुए थे, लेकिन अब उसकी लाश पिछले छह दिनों से भोपाल के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में पड़ी है। परिवार इंसाफ की मांग को लेकर डटा हुआ है। और मामला अब पुलिस जांच और कोर्ट तक पहुंच चुका है।

ट्विशा का पति वकील और सास जज

ट्विशा की शादी भोपाल के रहने वाले वकील समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ की मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज हैं और इस समय उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष के पद पर हैं। परिवार पढ़ा-लिखा और प्रभावशाली माना जाता है। वहीं ट्विशा का भाई भारतीय सेना में मेजर है। लेकिन इन सबके बीच ट्विशा की जिंदगी धीरे-धीरे तनाव और तकलीफ में बदलती चली गई।

कौन थी ट्विशा शर्मा?

ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली एक खुशमिजाज और टैलेंटेड लड़की थीं। वह पहले “मिस पुणे” का खिताब जीत चुकी थीं और मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करती थीं। इसके साथ ही उन्हें मॉडलिंग, फिल्मों और डांस-परफॉर्मेंस में भी रुचि थी। ट्विशा ने अपने काम और हुनर से कम उम्र में ही अच्छी पहचान बना ली थी।

 शादी के बाद से ही परेशान थी ट्विशा

ट्विशा के मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। वह अक्सर फोन कर अपने माता-पिता को रोते हुए अपनी परेशानी बताती थी। 12 मई की रात भी उसने अपनी मां और भाई को फोन किया था। घरवालों के मुताबिक ट्विशा ने कहा था कि वह अब और बर्दाश्त नहीं कर पा रही है और घर वापस लौटना चाहती है। लेकिन उस फोन कॉल के करीब 15 मिनट बाद ही परिवार को खबर मिली कि ट्विशा ने फांसी लगा ली है।

सीसीटीवी फुटेज आया सामने

इस मामले में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज में ट्विशा रात के समय छत की ओर जाती दिखाई देती है। कुछ देर बाद उसका पति समर्थ उसे सीपीआर देने की कोशिश करता नजर आता है। वहीं उसकी सास भी सीढ़ियों के पास दिखती हैं, लेकिन उनका सामान्य व्यवहार अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

आत्महत्या का दावा, लेकिन शरीर पर कई जख्म

ससुराल वालों का कहना है कि ट्विशा ने एक्सरसाइज में इस्तेमाल होने वाली इलास्टिक बेल्ट से फांसी लगाई थी। लेकिन मायके वालों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने के बाद परिवार के शक और गहरे हो गए हैं। ट्विशा के घर वाले अब दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने अब तक अंतिम संस्कार नहीं किया है। उनका कहना है कि प्रभावशाली ससुराल पक्ष की वजह से जांच प्रभावित हो रही है।

पति और सास के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज

मामले में पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया है। हालांकि गिरिबाला सिंह को उम्र का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत मिल गई है। पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी भी बनाई है।

सास ने ट्विशा को बताया ड्रग एडिक्ट

दूसरी ओर, ट्विशा की सास ने कोर्ट में दिए आवेदन में ट्विशा को ड्रग एडिक्ट बताया है। परिवार का कहना है कि यह मौत के बाद उनकी बेटी की छवि खराब करने की कोशिश है।

अब इस मामले में हर किसी की नजर पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि ट्विशा की मौत कैसे हुई, बल्कि यह भी है कि आखिर एक खुशमिजाज लड़की की जिंदगी शादी के सिर्फ पांच महीनों में इतनी दर्दनाक कैसे बन गई।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।