तेज प्रताप यादव के आवास पर चोरी, 20 लाख नगद समेत कई कीमती सामान गायब; अपने ही करीबी के खिलाफ FIR दर्ज

आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने अपने आवास से 20 लाख रुपये नकद और कई कीमती सामान चोरी होने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने अपने निजी सहायक मोतीलाल राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
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Tej Pratap Yadav: जेजेडी (जनशक्ति जनता दल) नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके पटना स्थित आवास पर हुई कथित चोरी का है। तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया है कि उनके घर से करीब 20 लाख रुपये नकद समेत कई कीमती सामान चोरी हो गए हैं। उन्होंने इस मामले में अपने निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
जानकारी के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने के बाद तेज प्रताप यादव सोमवार देर रात खुद सचिवालय थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके आवास में रखी नकदी और कई मूल्यवान वस्तुएं गायब हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
20 लाख नगद समेत कई कीमती सामान चोरी
एफआईआर में तेज प्रताप यादव ने दावा किया है कि उनके घर की अलमारी में रखे लगभग 20 लाख रुपये, जो पार्टी संगठन के कार्यों के लिए रखे गए थे, चोरी हो गए हैं। इसके अलावा दो तोला सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, चार आईफोन, एक मैकबुक, एक आईपैड, एक लेनोवो लैपटॉप, दो हार्ड डिस्क और चार पेन ड्राइव भी गायब बताई गई हैं।
बैग लेकर भागता नजर आया निजी सहायक
तेज प्रताप यादव ने अपने निजी सहायक मोतीलाल राय पर चोरी का सीधा आरोप लगाया है। एफआईआर के अनुसार, उनके ड्राइवर अनिल यादव और उनके साथ रहने वाले विशाल ने कथित तौर पर मोतीलाल राय को एक बैग लेकर आवास की बाउंड्री फांदकर भागते हुए देखा था। दोनों को घटना का प्रत्यक्षदर्शी गवाह बताया गया है। तेज प्रताप ने अपने ड्राइवर और उसके सहयोगी का भी जिक्र करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जांच में जुटी पुलिस
शिकायत में उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तारी और चोरी गए नकद व सामान की जल्द बरामदगी की मांग की है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आवास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी के संभावित ठिकानों पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं इस घटना के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। आरजेडी नेताओं ने इसे भरोसे के साथ विश्वासघात का मामला बताया है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है और जल्द ही मामले में आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

