Rashtra Bharat Logo

तेज प्रताप यादव के आवास पर चोरी, 20 लाख नगद समेत कई कीमती सामान गायब; अपने ही करीबी के खिलाफ FIR दर्ज

तेज प्रताप यादव के आवास पर चोरी, 20 लाख नगद समेत कई कीमती सामान गायब; अपने ही करीबी के खिलाफ FIR दर्ज
तेज प्रताप यादव के आवास पर चोरी, 20 लाख नगद समेत कीमती सामान गायब (File Photo)

आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने अपने आवास से 20 लाख रुपये नकद और कई कीमती सामान चोरी होने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने अपने निजी सहायक मोतीलाल राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Tej Pratap Yadav: जेजेडी (जनशक्ति जनता दल) नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके पटना स्थित आवास पर हुई कथित चोरी का है। तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया है कि उनके घर से करीब 20 लाख रुपये नकद समेत कई कीमती सामान चोरी हो गए हैं। उन्होंने इस मामले में अपने निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

जानकारी के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने के बाद तेज प्रताप यादव सोमवार देर रात खुद सचिवालय थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके आवास में रखी नकदी और कई मूल्यवान वस्तुएं गायब हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

20 लाख नगद समेत कई कीमती सामान चोरी

एफआईआर में तेज प्रताप यादव ने दावा किया है कि उनके घर की अलमारी में रखे लगभग 20 लाख रुपये, जो पार्टी संगठन के कार्यों के लिए रखे गए थे, चोरी हो गए हैं। इसके अलावा दो तोला सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, चार आईफोन, एक मैकबुक, एक आईपैड, एक लेनोवो लैपटॉप, दो हार्ड डिस्क और चार पेन ड्राइव भी गायब बताई गई हैं।

बैग लेकर भागता नजर आया निजी सहायक

तेज प्रताप यादव ने अपने निजी सहायक मोतीलाल राय पर चोरी का सीधा आरोप लगाया है। एफआईआर के अनुसार, उनके ड्राइवर अनिल यादव और उनके साथ रहने वाले विशाल ने कथित तौर पर मोतीलाल राय को एक बैग लेकर आवास की बाउंड्री फांदकर भागते हुए देखा था। दोनों को घटना का प्रत्यक्षदर्शी गवाह बताया गया है। तेज प्रताप ने अपने ड्राइवर और उसके सहयोगी का भी जिक्र करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जांच में जुटी पुलिस

शिकायत में उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तारी और चोरी गए नकद व सामान की जल्द बरामदगी की मांग की है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आवास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी के संभावित ठिकानों पर भी नजर रखी जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं इस घटना के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। आरजेडी नेताओं ने इसे भरोसे के साथ विश्वासघात का मामला बताया है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है और जल्द ही मामले में आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।