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हिंगोली के तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते राशन विभाग का लिपिक रंगे हाथों पकड़ाया

Ration Clerk Caught Taking Bribe: महाराष्ट्र के हिंगोली में राशन कार्ड पर अनाज दिलाने के लिए रिश्वत मांगने वाला लिपिक धराया
Ration Clerk Caught Taking Bribe: महाराष्ट्र के हिंगोली में राशन कार्ड पर अनाज दिलाने के लिए रिश्वत मांगने वाला लिपिक धराया

हिंगोली के कलमनुरी तहसील में राशन विभाग के लिपिक ने गरीब परिवार से बीपीएल योजना में अनाज दिलाने के लिए ₹8000 रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ताओं ने एसीबी को सूचित किया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। मामला दर्ज कर जांच जारी है।

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हिंगोली के कलमनुरी में राशन विभाग के एक लिपिक ने गरीब परिवारों से राशन कार्ड पर अनाज दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी। लेकिन भ्रष्टाचार विरोधी दस्ते ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। यह घटना आठ जनवरी की है। आरोपी लिपिक का नाम चक्रधर पंडितराव कदम है जो कलमनुरी तहसील कार्यालय के आपूर्ति विभाग में काम करता है।

कैसे शुरू हुआ यह मामला

शिकायत करने वाले व्यक्ति और उसके भाई ने सितंबर सन दो हजार बाईस में अपने परिवार के सदस्यों के लिए राशन कार्ड में नाम जोड़ने का आवेदन किया था। वे चाहते थे कि उन्हें बीपीएल योजना के तहत सस्ता अनाज मिले। उनका राशन कार्ड तो बन गया लेकिन उसमें अनाज का उल्लेख नहीं था। इस वजह से उन्हें अनाज नहीं मिल पाया।

दोनों भाइयों ने कई बार तहसील कार्यालय में लिखित आवेदन दिया। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि उनके राशन कार्ड पर अनाज की व्यवस्था की जाए। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। तीन साल तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।

दोबारा आवेदन और रिश्वत की मांग

अक्टूबर सन दो हजार पच्चीस में दोनों भाइयों ने एक बार फिर आवेदन किया। इस बार उन्होंने प्राधान्य कुटुंब योजना में नाम जोड़ने की मांग की। दिसंबर के पहले सप्ताह में दोनों भाई आपूर्ति विभाग के लिपिक चक्रधर कदम से मिले।

लिपिक कदम ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनके नाम बीपीएल योजना में शामिल कर देगा और अनाज दिलाने का आदेश जारी करवा देगा। लेकिन इसके बदले उसने दोनों भाइयों से चार-चार हजार रुपये यानी कुल आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

भ्रष्टाचार विरोधी दस्ते में शिकायत

दोनों भाइयों ने नौ दिसंबर को हिंगोली के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग यानी एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि शिकायत सही है। लिपिक चक्रधर कदम ने सचमुच रिश्वत मांगी थी।

एसीबी ने योजना बनाई कि आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा जाए। आठ जनवरी को दोनों भाइयों को फिर से तहसील कार्यालय बुलाया गया।

रंगे हाथों गिरफ्तारी

आठ जनवरी को शिकायतकर्ता और उसका भाई कलमनुरी तहसील कार्यालय पहुंचे। वे लिपिक चक्रधर कदम के कमरे में गए। आरोपी कदम ने उनसे रिश्वत की रकम टेबल की दराज में रखने को कहा।

जैसे ही शिकायतकर्ता ने पैसे दराज में रखे, एसीबी की टीम ने कमरे में प्रवेश किया। गवाहों की मौजूदगी में आरोपी चक्रधर कदम को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। उसकी जेब से चश्मा, मोबाइल और अन्य सामान मिला।

आगे की कार्रवाई

चक्रधर कदम यवतमाल जिले का निवासी है। एसीबी ने यवतमाल के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को उसके घर की तलाशी लेने के लिए लिखित जानकारी भेजी है।

यह कार्रवाई एसीबी नांदेड के पुलिस अधीक्षक संदीप पालवे और उप पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संजय तुंगार के मार्गदर्शन में की गई। हिंगोली एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक विकास घनवट ने पूरी टीम का नेतृत्व किया।

टीम में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक विजय शुक्ला, पुलिस हेड कांस्टेबल भगवान मंडलिक, राजाराम फुपाटे, रवींद्र वरणे, गोविंद शिंदे, गजानन पवार, कांस्टेबल पुंढगे, जाधव और वाहन चालक शेख अकबर शामिल थे।

कानूनी कार्रवाई

डिप्टी पुलिस अधीक्षक विकास घनवट की शिकायत पर कलमनुरी शहर पुलिस थाने में धारा सात के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस निरीक्षक राजेश मलपिलु जांच कर रहे हैं। आरोपी चक्रधर कदम को हिरासत में ले लिया गया है।

गरीबों के साथ अन्याय

यह मामला बताता है कि किस तरह सरकारी अधिकारी गरीब लोगों का फायदा उठाते हैं। जिन लोगों को सरकार की योजना का लाभ मिलना चाहिए, उनसे ही रिश्वत मांगी जाती है। राशन कार्ड हर गरीब परिवार का अधिकार है। इसके लिए किसी को रिश्वत नहीं देनी चाहिए।

इस घटना से साफ है कि अगर लोग हिम्मत से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं तो कानून उनका साथ देता है। शिकायतकर्ताओं ने सही समय पर एसीबी से संपर्क किया और अपना हक पाने की कोशिश की।

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Asfi Shadab

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