Maharashtra News: चरणसेवा अभियान पूरा, 4.96 लाख से अधिक वारकरियों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिला

Maharashtra Charan Seva Warkari health campaign: महाराष्ट्र में पिछले पंद्रह दिनों से चल रहा चरणसेवा अभियान 24 जुलाई को पूरा होगा। आषाढ़ी वारी के दौरान 14 जिलों के 140 पड़ावों पर 4.96 लाख से अधिक वारकरियों को चरणसेवा, स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार, दवाइयों, फिजियोथेरेपी और एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं दी गईं। अभियान में स्वास्थ्य संस्थाओं, डॉक्टरों, स्वयंसेवकों और मेडिकल विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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चरणसेवा अभियान से लाखों वारकरियों को मिली स्वास्थ्य सुविधा
Maharashtra Charan Seva Warkari health campaign: मुंबई: पिछले पंद्रह दिनों से चल रहा ‘चरणसेवा’ अभियान शुक्रवार, 24 जुलाई को संपन्न हुआ। इस वर्ष आषाढ़ी वारी के दौरान राज्य के 14 जिलों में 4 लाख 96 हजार से अधिक वारकरियों को इसका सीधा लाभ मिला।
यह पहल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना पर आधारित है और मुख्यमंत्री सहायता निधि एवं धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष द्वारा जनसहभागिता से चलाई गई। पिछले वर्ष यह अभियान सात जिलों तक सीमित था, इस बार इसे 14 जिलों के 140 प्रमुख पड़ावों तक बढ़ाया गया।
लंबी पैदल यात्रा से होने वाली थकान, मांसपेशियों के दर्द, पैरों के छालों और बारिश के मौसम में संक्रामक रोगों के खतरे को देखते हुए यह अभियान शुरू किया गया था। सेवा केंद्रों पर श्रद्धालुओं को चरणसेवा, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, फिजियोथेरेपी, प्राथमिक उपचार, दवाइयां, एम्बुलेंस सुविधा और आगे के उपचार की व्यवस्था दी गई।

14 जिलों के 140 पड़ावों पर दी गई मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं
अभियान में 164 स्वास्थ्य संस्थाओं ने भाग लिया। 7,538 स्वयंसेवकों और 11,331 डॉक्टरों, मेडिकल विद्यार्थियों व स्वास्थ्य कर्मियों ने सेवाएं दीं। इसके लिए 10 हजार टी-शर्ट और करीब 3 हजार लीटर आयुर्वेदिक तेल का उपयोग हुआ। आठ जनजागरूकता रथों के जरिए स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, रक्तदान, अंगदान और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
मुख्यमंत्री सहायता निधि एवं धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाईक ने कहा, “14 जिलों में 4.96 लाख से अधिक वारकरियों तक ‘चरणसेवा’ पहुंचाना अत्यंत संतोष की बात है।” उन्होंने बताया कि अभियान की सफलता का सबसे बड़ा आधार जनसहभागिता रही, जिसमें स्वास्थ्य संस्थाओं, दानदाताओं, डॉक्टरों और स्वयंसेवकों का सहयोग शामिल रहा।
आगामी वर्षों में इस अभियान का दायरा और बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

