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अपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने पर किशोरी पेडणेकर की उम्मीदवारी रद्द हो: निलेश राणे

अपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने पर किशोरी पेडणेकर की उम्मीदवारी रद्द हो: निलेश राणे
Kishori Pednekar Candidature Cancellation: निलेश राणे ने आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने पर उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की

शिवसेना विधायक निलेश राणे ने उद्धव ठाकरे गुट की उम्मीदवार किशोरी पेडणेकर के खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने का आरोप लगाते हुए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। राणे ने बताया कि पेडणेकर पर बॉडीबैग घोटाला और एसआरए प्रोजेक्ट से जुड़े दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेडणेकर ने ठाकरे परिवार को धमकी देकर टिकट लिया। राणे ने ठाकरे बंधुओं पर फूट डालने वाली राजनीति करने का भी आरोप लगाया।

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Asfi Shadab
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मुंबई की राजनीति में नया विवाद

मुंबई की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। शिवसेना के विधायक निलेश राणे ने उद्धव ठाकरे गुट की उम्मीदवार किशोरी पेडणेकर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। राणे का आरोप है कि पेडणेकर ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी चुनाव आयोग से छुपाई है। यह मामला मुंबई महानगरपालिका के चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।

आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने का आरोप

निलेश राणे ने बताया कि किशोरी पेडणेकर के खिलाफ सन दो हजार तेईस में दो आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। इन मामलों में वे फिलहाल जमानत पर हैं। लेकिन जब उन्होंने अपना नामांकन पत्र भरा, तो इन मामलों की जानकारी नहीं दी। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार किसी भी उम्मीदवार को अपने खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों की जानकारी देनी जरूरी होती है। यदि कोई उम्मीदवार ऐसा नहीं करता है तो उसकी उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।

Kishori Pednekar Candidature Cancellation: निलेश राणे ने आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने पर उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की
Kishori Pednekar Candidature Cancellation: निलेश राणे ने आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने पर उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की

कानूनी प्रावधान क्या कहता है

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा एक सौ पच्चीस-ए के अनुसार, यदि कोई उम्मीदवार जानबूझकर गलत या अधूरी जानकारी देता है तो यह गंभीर अपराध माना जाता है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने कई फैसलों में स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है। निलेश राणे ने कहा कि पेडणेकर को नैतिकता के आधार पर खुद ही चुनाव से हट जाना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो शिवसेना इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार है।

बॉडीबैग घोटाले का मामला

निलेश राणे ने बताया कि पेडणेकर के खिलाफ एक मामला कोविड काल के बॉडीबैग घोटाले से जुड़ा है। कोरोना महामारी के दौरान मुंबई महानगरपालिका ने बॉडीबैग खरीदने के लिए बड़ी रकम खर्च की थी। जिन बॉडीबैग की वास्तविक कीमत केवल सोलह सौ रुपये थी, उन्हें छह हजार सात सौ उन्नीस रुपये में खरीदा गया। एक इन्फोटेक नाम की कंपनी से हजारों बॉडीबैग खरीदी गईं और इस सौदे में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। राणे का आरोप है कि इस घोटाले में पेडणेकर की भी भूमिका थी और इसी मामले में उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हुआ है।

एसआरए प्रोजेक्ट से जुड़ा दूसरा मामला

पेडणेकर के खिलाफ दूसरा मामला एसआरए प्रोजेक्ट यानी झुग्गी पुनर्वास योजना से जुड़ा हुआ है। हालांकि राणे ने इस मामले के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में भी गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। एसआरए प्रोजेक्ट मुंबई में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को घर देने की योजना है। इस योजना में अक्सर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

धमकी देकर टिकट लेने का आरोप

निलेश राणे ने एक और गंभीर आरोप लगाया है कि पेडणेकर को शुरू में टिकट नहीं दिया गया था। लेकिन उन्होंने उद्धव ठाकरे और रश्मि ठाकरे को धमकी देकर टिकट हासिल किया। राणे का कहना है कि पेडणेकर ने ठाकरे परिवार को यह कहकर ब्लैकमेल किया कि वे कोविड काल के सारे घोटाले बाहर लाएंगी। इस डर से ठाकरे परिवार ने उन्हें टिकट दे दिया। यह एक बेहद गंभीर आरोप है जो ठाकरे परिवार और पेडणेकर दोनों के लिए शर्मनाक है।

वरली के मतदाताओं से अपील

राणे ने वरली क्षेत्र के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें चुनने से पहले सोच लेना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि ऐसे लोग महानगरपालिका में चुने जाएंगे तो वे जनता की सेवा करेंगे या लूट करेंगे। यह सवाल मतदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राणे का कहना है कि ईमानदार और साफ छवि वाले लोगों को ही चुना जाना चाहिए ताकि मुंबई का सही विकास हो सके।

ठाकरे बंधुओं पर तीखा हमला

निलेश राणे ने केवल पेडणेकर पर ही नहीं बल्कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर भी तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों भाई मुंबई के विकास पर बोलने के बजाय मुंबई और महाराष्ट्र में फूट डालने वाले मुद्दे उठा रहे हैं। राणे ने सवाल किया कि ठाकरे परिवार इतने सालों तक सत्ता में रहा है लेकिन मुंबई के लिए कौन से ठोस विकास कार्य किए गए। उन्होंने कहा कि ठाकरे परिवार को जनता को यह बताना चाहिए कि उन्होंने मुंबई के लिए क्या किया है।

राज ठाकरे से निराशा

निलेश राणे ने कहा कि उन्हें राज ठाकरे से सकारात्मक मुद्दों पर बात करने की उम्मीद थी लेकिन उनके विचार निराशाजनक साबित हुए। राणे ने राज ठाकरे से सवाल किया कि जब वे लंदन जाते हैं तो गुजराती समाज का व्यक्ति उनके साथ कैसे चलता है। उन्होंने इसका खुलासा करने की मांग की। यह सवाल राज ठाकरे की उस राजनीति पर है जो अक्सर क्षेत्रीयता पर आधारित रहती है।

मुंबई पर कब्जे की राजनीति

राणे ने आरोप लगाया कि ठाकरे परिवार मुंबई पर कब्जा करने की राजनीति केवल अपना घर चलाने के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह राजनीति जनता के हित में नहीं बल्कि परिवार के हित में की जा रही है। राणे का कहना है कि मुंबई को इस तरह की राजनीति से ऊपर उठना होगा। शहर के विकास के लिए ईमानदार और समर्पित नेताओं की जरूरत है।

बालासाहेब स्मारक पर इंटरव्यू देना अपमान

निलेश राणे ने आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे के स्मारक के पास चैनल को इंटरव्यू देना उस पवित्र स्थान का अपमान है। उन्होंने कहा कि स्मारक एक पूज्य स्थान है और वहां राजनीतिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। यह बालासाहेब ठाकरे के सम्मान के खिलाफ है। राणे ने कहा कि ठाकरे परिवार को बालासाहेब की विरासत का सम्मान करना चाहिए।

चुनावी राजनीति में नैतिकता का सवाल

यह पूरा मामला चुनावी राजनीति में नैतिकता के सवाल को उठाता है। क्या आपराधिक मामलों में आरोपी व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है? कानून कहता है कि जब तक किसी को सजा नहीं मिलती, वह चुनाव लड़ सकता है। लेकिन नैतिकता का सवाल अलग है। जनता को यह तय करना है कि वे किसे अपना प्रतिनिधि चुनना चाहती है। क्या वे उन लोगों को चुनेंगे जो पारदर्शी हैं या उन्हें जिन पर सवाल उठते रहते हैं।

जनता का अधिकार

अंत में यह कहना जरूरी है कि जनता को पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। हर उम्मीदवार को अपनी पूरी जानकारी सही तरीके से देनी चाहिए। चुनाव आयोग को भी सख्ती से काम करना चाहिए। जो उम्मीदवार जानकारी छुपाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। तभी लोकतंत्र मजबूत होगा और जनता को सही प्रतिनिधि मिलेंगे।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।